देवघर में कांवरियों की बस भीषण हादसे का शिकार: 18 की मौत, 20 से अधिक घायल

श्रावण मास के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने आए श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार की सुबह बेहद भयावह साबित हुई। झारखंड के देवघर जिले में कांवड़ियों से भरी एक बस की ट्रक से हुई भीषण टक्कर में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए।

📍 हादसे का स्थान और समय

यह दर्दनाक हादसा देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया मोड़ पर सुबह करीब 5:30 बजे घटित हुआ। हादसे के तुरंत बाद मोहनपुर थाना प्रभारी प्रियरंजन पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भेजा गया, जहां कई की हालत नाज़ुक बनी हुई है।

🙏 नेताओं की प्रतिक्रिया

🔹 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा:

“देवघर के मोहनपुर प्रखंड के जमुनिया चौक पर हुई बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु की अत्यंत दुःखद सूचना मिली है। प्रशासन द्वारा तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू कर घायलों को बेहतर इलाज के लिए भेजा जा चुका है। बाबा बैद्यनाथ दिवंगत आत्माओं को शांति दें और परिवारजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।”

🔹 बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (देवघर) ने भी दुःख जताया:

“मेरे लोकसभा क्षेत्र में यह हृदय विदारक दुर्घटना हुई है। कांवरियों की आस्था का यह सफर दुखद मोड़ ले लेगा, किसी ने सोचा नहीं था। मैं बाबा से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।”

🔱 देवघर की आस्था और भीड़भाड़

देवघर को “बाबा बैद्यनाथ धाम” के नाम से जाना जाता है और यह स्थान बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए आते हैं। ये श्रद्धालु कई-कई किलोमीटर दूर से कांवड़ यात्रा करते हुए बाबा की शरण में पहुंचते हैं।

श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व में जब ऐसी घटना घटती है, तो न केवल परिजन बल्कि पूरा समाज स्तब्ध रह जाता है। अक्सर अधिक भीड़ और यातायात के दबाव के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

🚑 राहत और बचाव कार्य

  • मौके पर अंबुलेंस, NDRF और जिला प्रशासन की टीमों ने तत्काल पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
  • प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के निःशुल्क इलाज का आश्वासन दिया है।
  • घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद देवघर सदर अस्पताल और रांची के रिम्स में रेफर किया जा रहा है।

📌 प्रशासनिक चिंता और आगे की रणनीति

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है:

  • क्या श्रावण में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम होते हैं?
  • क्या ऐसे मौकों पर हाईवे और तीर्थस्थलों के पास विशेष यातायात नियंत्रण लागू किया जाता है?
  • बसों और ट्रकों की स्थिति की जांच क्यों नहीं की जाती?

जिला प्रशासन और राज्य सरकार को इस दिशा में कड़े और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं दोहराई न जा सकें।

🕯️ अंत में…

श्रद्धा की इस यात्रा में जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके लिए पूरा देश शोक में डूबा है। यह हादसा न केवल एक सड़क दुर्घटना है, बल्कि परिवारों के उजड़ने की कहानी है।

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