नई पहचान, तीसरी शादी और 21 साल की फरारी का अंत: पत्नी के कातिल वीरपाल की कहानी

🔍 21 साल बाद गिरफ्तार हुआ कातिल: दूसरी पत्नी का बेरहमी से कत्ल, तीसरी शादी और बच्चा बना गवाह

एक ऐसा अपराधी, जो 21 साल तक कानून से आंख-मिचौली खेलता रहा, लेकिन दिल्ली पुलिस की लगातार निगरानी और संकल्प के आगे आखिरकार उसे हार माननी ही पड़ी। वीरपाल उर्फ विजय उर्फ रामदयाल, जिसने न केवल अपनी दूसरी पत्नी की हत्या की बल्कि अपने बच्चे को भी घायल किया, अब 60 वर्ष की उम्र में लखनऊ से गिरफ्तार हो गया है।

🩸 22 सितंबर 2004: वह काली रात जब पत्नी की हत्या हुई और बेटा घायल हुआ

वीरपाल, जो उस वक्त अपनी दूसरी पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहा था, ने 22 सितंबर 2004 को अपने भाई सुरेश के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी थी।

  • हत्या के दौरान उसका 10 वर्षीय बेटा भी घायल हुआ।
  • बच्चे ने पुलिस को साफ बताया कि “पापा और चाचा ने मां को मार डाला”
  • सुरेश तो तुरंत गिरफ्तार हो गया और 2007 में उम्रकैद की सजा मिली, लेकिन वीरपाल भाग निकला

🕵️‍♂️ फरारी का जीवन: नाम बदला, शहर बदला, पहचान बदल ली

  • वीरपाल ने फर्रुखाबाद छोड़कर लखनऊ का रुख किया।
  • खुद को विजय उर्फ रामदयाल बताकर बख्शी का तालाब इलाके में मजदूरी करने लगा।
  • धीरे-धीरे पैतृक संपत्ति बेच दी और तीसरी शादी कर ली।
  • तीसरी पत्नी से उसके तीन बेटियां हैं।
  • इस पूरी अवधि में उसने किसी से संपर्क नहीं किया और कानून से बचता रहा।

👮‍♀️ दिल्ली पुलिस की 21 साल की सघन खोज और आख़िरी पकड़

दिल्ली पुलिस की एनडीआर (Non-Disclosure Reports) यूनिट ने वीरपाल को एक पल के लिए भी नहीं भूला

  • मुखबिर तंत्र, डिजिटल सर्विलांस, और ग्राउंड इंटेलिजेंस से वीरपाल की पहचान और लोकेशन ट्रेस की गई।
  • हफ्तों की निगरानी के बाद लखनऊ में रेड मारी गई और वह गिरफ्तार कर लिया गया।
  • पूछताछ में वीरपाल ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है।

⚖️ अब आगे क्या?

  • वीरपाल को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया गया।
  • अब उसे दिल्ली में हत्या के मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
  • पुलिस को उम्मीद है कि अब मृतका को न्याय मिलेगा, भले ही 21 साल बाद सही।

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