कौशांबी से शर्मसार करने वाला मामला: झाड़-फूंक के बहाने महिला से दुष्कर्म, तांत्रिक ने बनाया वीडियो और दी धमकी

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।
एक तथाकथित “तांत्रिक” ने इलाज और झाड़-फूंक के बहाने एक विवाहित महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
न केवल यह, बल्कि आरोपी ने घटना का अश्लील वीडियो भी बना लिया और शिकायत करने पर वायरल करने की धमकी दी।

पीड़िता ने आखिरकार पति के साथ हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजेश कुमार ने संबंधित थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज करने और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

🔹 बेटे की बीमारी का इलाज बन गया जाल

यह पूरा मामला कौशांबी जिले के महेवा घाट थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता का परिवार मूल रूप से प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र का रहने वाला है।

महिला के पति ने बताया —

“मैं दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता हूं। मेरा पांच साल का बेटा लंबे समय से बीमार रहता है।
गांव वालों ने बताया कि बाकरगंज गांव का रहने वाला धीरेंद्र सरोज नाम का व्यक्ति तांत्रिक है, जो तंत्र-मंत्र से बीमारी ठीक कर देता है।”

इसी विश्वास के साथ पत्नी 2 सितंबर को बेटे का इलाज कराने के लिए तांत्रिक के पास गई —
पर वहां जो हुआ, उसने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।

“पानी में कुछ मिलाकर पिलाया, फिर बेहोश हो गई…”

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि तांत्रिक ने झाड़-फूंक के दौरान
उसे पानी में कुछ मिलाकर पिलाया — जिसके बाद वह बेहोश हो गई।

“जब होश आया तो मैंने खुद को गलत हालत में पाया।
तांत्रिक ने कहा कि अगर किसी को बताया तो वह वीडियो वायरल कर देगा।”

महिला का आरोप है कि इसके बाद तांत्रिक ने वीडियो का डर दिखाकर कई दिनों तक उसका यौन शोषण किया।
वह जब भी विरोध करती, आरोपी उसे धमकाता और सिम कार्ड तोड़कर फेंक देता,
ताकि वह अपने पति या किसी रिश्तेदार से संपर्क न कर सके।

🚨 पति ने लौटकर दर्ज कराई शिकायत

किसी तरह पीड़िता ने एक पड़ोसी की मदद से अपने पति तक बात पहुंचाई।
पति तुरंत दिल्ली से लौट आया और रविवार को पत्नी के साथ एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

एसपी राजेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महेवा घाट पुलिस को
तुरंत एफआईआर दर्ज करने और आरोपी धीरेंद्र सरोज की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।

⚖️ सवाल उठता है — कब तक चलता रहेगा यह अंधविश्वास का खेल?

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास, झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर
कितनी महिलाओं का शोषण होता है।

“तांत्रिक”, “गुरु” या “बाबा” का चोला ओढ़े ऐसे अपराधी समाज के लिए कलंक हैं।

जहाँ विज्ञान और शिक्षा आगे बढ़ रहे हैं, वहीं गाँवों में आज भी लोग
“झाड़-फूंक” के नाम पर अपनी बेटियों और बहुओं की सुरक्षा दांव पर लगा देते हैं।

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