प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और खर्चों में कटौती की अपील का असर अब देशभर में दिखाई देने लगा है। पीएम मोदी ने खुद अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। इसके बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और बड़े नेताओं ने भी अपने काफिले छोटे करने शुरू कर दिए हैं।

अमित शाह से लेकर योगी तक ने घटाईं गाड़ियां
गृह मंत्री अमित शाह के काफिले में भी अब पहले से काफी कम वाहन नजर आ रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और मंत्रियों के काफिले में 50 फीसदी कटौती का आदेश दिया है। उन्होंने वर्चुअल मीटिंग, कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
दिल्ली, राजस्थान और बिहार में भी असर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कामों में वाहनों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी अपने काफिले छोटे किए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डीजल-पेट्रोल बचत के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
मंत्री अब मेट्रो और ई-रिक्शा से कर रहे सफर
दिल्ली के कई मंत्री अब मेट्रो और ई-रिक्शा से सफर करते दिखाई दिए। मंत्री आशीष सूद ने इलेक्ट्रिक कार अपनाई, जबकि कपिल मिश्रा ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी सख्ती
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का काफिला बेहद छोटा नजर आया। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर सख्ती बढ़ाते हुए सीएम कार्यालय की मंजूरी जरूरी कर दी है।
मध्य प्रदेश में भी लागू हुए नए नियम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आदेश दिया है कि मंत्री अब वाहन रैली नहीं करेंगे और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति से बचेंगे। उन्होंने अपना काफिला भी छोटा कर लिया है।
इस तरह पीएम मोदी की अपील अब पूरे देश में एक बड़े अभियान का रूप लेती दिखाई दे रही है, जहां नेता और सरकारें ईंधन बचत और सादगी का संदेश देने की कोशिश कर रही हैं।
