मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव और तेज कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के फाइनेंशियल नेटवर्क की जानकारी देने वालों के लिए 1.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 143 करोड़ रुपये तक के इनाम का ऐलान किया है।

अमेरिका का आरोप है कि IRGC अवैध तेल कारोबार और गुप्त वित्तीय नेटवर्क के जरिए क्षेत्र में आतंक और अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है।
ईरान पर दबाव बढ़ा रहा अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tommy Pigott ने कहा कि Donald Trump प्रशासन की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति के तहत ईरान पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि IRGC के अवैध ऑयल नेटवर्क को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक ताकत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
नए प्रतिबंधों से बढ़ी टेंशन
अमेरिका ने ईरानी तेल कारोबार से जुड़े कई लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा IRGC के Shahid Purjafari ऑयल हेडक्वार्टर से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भी टारगेट किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ये लोग तेल से जुड़े बड़े वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क ऑपरेशन संभाल रहे थे।
फंडिंग चैनल रोकना है मकसद
अमेरिका का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य उन फंडिंग चैनलों को बंद करना है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर प्रॉक्सी संगठनों और सैन्य गतिविधियों के लिए किया जाता है।
अमेरिकी बयान में यह भी कहा गया कि जहां ईरान की आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहीं सरकार अपने संसाधन मिलिशिया नेटवर्क पर खर्च कर रही है।
जानकारी देने वालों को मिलेगा भारी इनाम
अमेरिका अब ऐसे लोगों से जानकारी मांग रहा है जो IRGC के तेल कारोबार, प्रतिबंधों से बचने की रणनीतियों, शेल कंपनियों और गुप्त वित्तीय नेटवर्क का खुलासा कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर डाल सकता है और आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है।
