गोंडा में बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत – मंदिर जा रहे थे दर्शन करने

गोंडा में बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत: गाड़ी में छटपटाते रहे, बाहर नहीं निकल पाए; मंदिर पर जल चढ़ाने जा र…
गोंडा में बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत:गाड़ी में छटपटाते रहे, बाहर नहीं निकल पाए; मंदिर पर जल चढ़ाने जा रहे थे
यूपी के गोंडा में तेज रफ्तार बोलेरो बेकाबू होकर सरयू नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर एक परिवार के हैं। बोलेरो में 15 लोग थे। 4 को शीशा तोड़कर स्थानीय लोगों ने बचा लिया। यह सभी जल चढ़ाने पृथ्वीनाथ मंदिर जा रहे थे।

हादसा इतना भयावह था कि बोलेरो से एक भी शख्स खुद बाहर नहीं निकल पाया। बारिश के चलते नहर में लबालब पानी था। नहर में गिरते ही गाड़ी के गेट लॉक हो गए। कुछ ही सेकेंड में पूरी गाड़ी में पानी भर गया। अंदर बैठे लोग छटपटाते रहे। तड़प-तड़पकर उनकी मौत हो गई।

जहां हादसा हुआ, वहां आसपास ग्रामीण थे। बोलेरो नहर में गिरती देख वह बचाने के लिए पानी में कूद गए। लेकिन, गेट नहीं खोल पाए। बमुश्किल खिड़की का शीशा तोड़कर 4 लोगों को बचाकर बाहर निकाला।

हादसा रविवार सुबह 10 बजे मोतीगंज थाना क्षेत्र में हुआ। 10 मिनट में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद प्रॉपर रेस्क्यू शुरू किया। कार के आगे के शीशे तोड़कर एक-एक को बाहर निकालकर सड़क पर लाया गया। बोलेरो अभी भी नहर में फंसी हुई है।

हादसे के वीडियो सामने आए हैं। इसमें सड़क पर 11 लाशें पड़ी हुई हैं। किसी को बेटी तो किसी को ग्रामीणों ने सीपीआर देकर बचाने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे हैं। मृतकों में 6 महिलाएं, 2 पुरुष और 3 बच्चे हैं। मृतकों में बीना (35), काजल (22), महक (12), दुर्गेश, नंदिनी, अंकित, शुभ, संजू वर्मा, अंजू, अनसुइया, सौमिया हैं।
आवाज़ प्लस के लिए विशेष रिपोर्ट

हादसे में बची किशोरी ने बताया-
हम सभी लोग मंदिर जा रहे थे। जिस वक्त हादसा हुआ। हम लोग भजन गा रहे थे। अचानक हमारी गाड़ी फिसल गई और नहर में जा गिरी। इसके बाद क्या हुआ, कुछ भी याद नहीं है। सब कुछ धुंधला सा हो गया।

हादसे के बाद बोलेरो के गेट नहीं खुले, इसके बाद ग्रामीणों ने कांच तोड़कर लोगों को बाहर निकाला।

हादसे के बाद बोलेरो के गेट नहीं खुले, इसके बाद ग्रामीणों ने कांच तोड़कर लोगों को बाहर निकाला।
लोगों को सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर लोग की जान जा चुकी थी।

लोगों को सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर लोग की जान जा चुकी थी।
हादसे के बाद लोग शव को सड़क पर लिटाया गया।
हादसे के बाद लोग शव को सड़क पर लिटाया गया।
मंदिर का आधा सफर हुआ था एक ग्रामीण ने बताया कि बोलेरो में प्रह्लाद कसौधन का परिवार और उनके रिश्तेदार थे। सभी मोतीगंज थाने के सिहा गांव के रहने वाले थे। प्रह्लाद का गांव में मेवालाल माध्यमिक विद्यालय नाम से इंटर कॉलेज है। वह प्रबंधक थे। सुबह साढ़े 9 बजे मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। गांव से पृथ्वीनाथ मंदिर की 50 किमी है। गाड़ी से आधा सफर यानी 25 किमी पूरा कर लिया था।

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