नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसकी महिला सरगना ‘पारो’ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रही थी और 9 अप्रैल को बवाना इलाके में एक सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान उसे दबोचा गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारो को दो मामलों में पहले ही ‘घोषित अपराधी’ घोषित किया जा चुका था। वह कम से कम तीन बड़े ठगी मामलों में मुख्य आरोपी रही है, जिनकी शिकायत आई.पी. एस्टेट और मंदिर मार्ग थानों में दर्ज है।
अकेली महिलाओं को बनाता था निशाना
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खास तौर पर अकेली और कमजोर महिलाओं को टारगेट करता था। आरोपी अस्पतालों और मंदिरों के बाहर खड़े होकर महिलाओं से बातचीत शुरू करते थे, खुद को मददगार दिखाते थे और फिर झूठी कहानियों के जरिए उनका भरोसा जीत लेते थे।
इसके बाद गिरोह के सदस्य पीड़ितों को किसी अनहोनी का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रभावित करते थे और चालाकी से उनके सोने के गहने व कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
LNJP अस्पताल में सामने आया था मामला
अप्रैल 2023 में लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जहां एक महिला को झांसे में लेकर उसके गहने ठग लिए गए थे। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 50 जगहों के CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर आखिरकार पुलिस पारो तक पहुंचने में सफल रही।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी अन्य किन-किन मामलों में शामिल रहे हैं।
EMI ठगी करने वाला गिरोह भी पकड़ा गया
इसी बीच, 29 मार्च को दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में एक अन्य ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस गिरोह के चार सदस्यों—प्रिंस, शिवम, टीटू और आकाश—को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी खुद को रिकवरी एजेंट बताकर वाहन मालिकों से पैसे वसूलते थे। वे ‘Easy Recovery App’ नाम के मोबाइल ऐप के जरिए उन वाहनों की जानकारी जुटाते थे, जिनकी EMI बकाया होती थी, और फिर लोगों को धमकाकर अवैध वसूली करते थे।
पुलिस की अपील:
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें, खासकर अस्पतालों और धार्मिक स्थलों के आसपास सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
