मुंबई, 13 अप्रैल। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते बाजार खुलते ही भारी दबाव में आ गया। सुबह 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स करीब 1399 अंक गिरकर 76,150 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी50 भी 410 अंकों की गिरावट के साथ 23,640 के नीचे फिसल गया।

इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का विफल होना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ती अनिश्चितता रही। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संभावित प्रतिबंध की चेतावनी ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।
बाजार में सेक्टरवार दबाव साफ दिखाई दिया। निफ्टी पर जहां कोल इंडिया, ओएनजीसी और सन फार्मा जैसे शेयरों में कुछ मजबूती देखी गई, वहीं बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, इंडिगो और श्रीराम फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में लगभग 2246 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि सिर्फ 617 शेयरों में बढ़त रही।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 49 पैसे टूटकर 93.32 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, मजबूत डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव रुपये की कमजोरी के प्रमुख कारण हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
