AWAZ PLUS | इंटरनेशनल डेस्क
अब्बास अराघची इस्लामाबाद और ओमान के दौरे के बाद रूस पहुंच गए हैं। रविवार को वह सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहां आज उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली है। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़े तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर रहा है।

कूटनीति के केंद्र में मध्य पूर्व संकट
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। मॉस्को स्थित ईरानी राजदूत काजेम जलाली ने भी इस उच्चस्तरीय वार्ता की पुष्टि की है।
पाकिस्तान और ओमान के बाद रूस दौरा
अराघची की यह यात्रा एक व्यापक कूटनीतिक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले वह पाकिस्तान और ओमान का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने पर बातचीत की थी। अब रूस के साथ यह संवाद उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
रूस-ईरान रिश्तों पर टिकी नजर
रूस, ईरान का प्रमुख रणनीतिक सहयोगी माना जाता है। दोनों देशों के बीच सैन्य, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी है। ऐसे में मॉस्को में होने वाली यह मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान इस बैठक में अमेरिका के साथ संभावित वार्ता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रूस का समर्थन मांग सकता है।
वैश्विक राजनीति में बढ़ती हलचल
हाल के घटनाक्रमों और डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बीच यह बैठक अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई दिशा तय कर सकती है। ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
रूस-ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियां न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती हैं। पुतिन और अराघची की यह मुलाकात आने वाले दिनों में कूटनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है।
