📰 Aawaz Plus | बड़ी राजनीतिक खबर
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस फैसले के बाद उठ रहे सवालों के बीच चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपने कदम के पीछे की वजह साफ की।

🎥 “सभी सातों सांसद गलत नहीं हो सकते”
वीडियो में चड्ढा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें लोगों के कई संदेश मिले—कुछ ने समर्थन दिया, तो कुछ ने फैसले पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा:
“एक या दो व्यक्ति गलत हो सकते हैं, लेकिन सभी सात नहीं।”
⚠️ पार्टी के अंदरूनी माहौल पर गंभीर आरोप
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के अंदर के माहौल को लेकर गंभीर आरोप लगाए:
- नेताओं को काम करने से रोका जा रहा था
- संसद में बोलने तक पर पाबंदी
- पार्टी “कुछ लोगों के हाथों में सिमट” गई है
- फैसले जनहित में नहीं, निजी लाभ के लिए हो रहे हैं
🕰️ “15 साल दिए, लेकिन पार्टी बदल गई”
चड्ढा ने कहा कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा और AAP को खड़ा करने में 15 साल की मेहनत लगाई।
लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि:
“मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं।”
🔄 तीन विकल्प और बड़ा फैसला
उन्होंने बताया कि उनके सामने तीन रास्ते थे:
- राजनीति छोड़ देना
- पार्टी में रहकर बदलाव की कोशिश करना
- किसी नए मंच से “सकारात्मक राजनीति” करना
आखिरकार उन्होंने तीसरा विकल्प चुना।
🤝 7 सांसदों का सामूहिक इस्तीफा
राघव चड्ढा अकेले नहीं गए—उनके साथ 6 अन्य सांसद भी AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए:
- संदीप पाठक
- अशोक मित्तल
- हरभजन सिंह
- राजिंदर गुप्ता
- स्वाति मालीवाल
- विक्रमजीत साहनी
इन सभी ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर नई पार्टी में अपनी सदस्यता मान्य करने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
🏛️ “नए मंच से उठाएंगे जनता के मुद्दे”
चड्ढा ने कहा कि अब वे नए राजनीतिक मंच पर आम जनता के मुद्दों को और अधिक मजबूती से उठाएंगे और समाधान पर काम करेंगे।
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AAP के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। एक साथ सात सांसदों का पार्टी छोड़ना न सिर्फ संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करता है, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण भी बदल सकता है।
