आवाज़ प्लस | बड़ी खबर
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रोहड़ू के कुलगांव क्षेत्र में रविवार रात मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। लापरवाही भरी हवाई फायरिंग ने एक महिला की जान ले ली।

हजारों की भीड़ में चली गोलियां
जानकारी के अनुसार कुलगांव में देवता शालू महाराज के नवनिर्मित मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा चल रही थी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उत्साह और दिखावे में आकर हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक गोली जिगहा गांव की एक महिला को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका की पहचान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका की पहचान 26 वर्षीय रितिका बेतिया के रूप में हुई है, जो दो बच्चों की मां थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
आरोपी कौन? जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली किसने चलाई, क्योंकि कार्यक्रम में कई लोग हथियारों के साथ मौजूद थे। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
परंपरा या लापरवाही?
स्थानीय लोगों के अनुसार देव अनुष्ठानों में देवलू पारंपरिक हथियारों जैसे तलवार, डांगरू और खुखरी के साथ नृत्य करते हैं। हालांकि, कई बार उत्साह में हवाई फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्तियां भी देखने को मिलती हैं, जो इस तरह के हादसों को जन्म देती हैं।
बड़ा सवाल
क्या धार्मिक आयोजनों में हथियारों और फायरिंग पर सख्त नियंत्रण जरूरी है? यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता पर सवाल खड़े करती है।
आवाज़ प्लस की अपील:
धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में उत्साह के साथ-साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी का पालन बेहद जरूरी है, ताकि खुशियां कभी मातम में न बदलें।
