कनाडा के Vancouver में आयोजित मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। ‘औरा-2026’ नामक इस कार्यक्रम में उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ उपद्रवी खालिस्तानी झंडे लेकर वेन्यू के अंदर घुस आए और शो को बाधित करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कॉन्सर्ट अपने चरम पर पहुंचा, प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी और दिलजीत दोसांझ पर गंभीर आरोप लगाए। उपद्रवियों ने गायक को राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा बताते हुए उन्हें निशाना बनाया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
कुछ देर के लिए कार्यक्रम पूरी तरह बाधित हो गया और दर्शकों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उपद्रवियों को बाहर निकाला और कार्यक्रम को फिर से शुरू कराया।
प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के पीछे दो युवकों—पवनदीप सिंह बस्सी और मनदीप सिंह रवि—की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि इनका संबंध प्रतिबंधित संगठन Sikhs for Justice (SFJ) से है, जिसका संचालन आतंकी घोषित Gurpatwant Singh Pannun करता है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह विरोध अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे कार्यक्रम को बाधित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेश देने की कोशिश की गई।
आगे भी विरोध की चेतावनी
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने दिलजीत दोसांझ के आगामी कार्यक्रमों में भी इसी तरह विरोध जारी रखने की धमकी दी है। इससे आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल, आयोजक और कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां आने वाले शो के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की योजना बना रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सांस्कृतिक मंच पर राजनीति का साया
वैंकूवर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सांस्कृतिक और मनोरंजन मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक या कट्टरपंथी एजेंडों के लिए किया जा रहा है। कलाकारों और दर्शकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।
(Awaz Plus News)
