आईपीएल में हर सीजन कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है, जो पहले कभी नहीं हुआ। इस बार भी कुछ वैसा ही हुआ, जिसने क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स को चौंका दिया। ‘इम्पैक्ट सब’ नियम, जिसे मैच का रुख बदलने के लिए लाया गया था, पहली बार एक बिल्कुल अलग अंदाज़ में इस्तेमाल हुआ—जहां खिलाड़ी ने न तो बैटिंग की और न ही बॉलिंग, सिर्फ फील्डिंग तक सीमित रहा।

क्या हुआ मैच में?
बुधवार को Mumbai Indians और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 240+ रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके बाद जब हैदराबाद की पारी शुरू हुई, तो सातवें ओवर में मुंबई ने इम्पैक्ट सब का इस्तेमाल किया।
- Robin Minz को बाहर किया गया
- उनकी जगह Shardul Thakur को मैदान में उतारा गया
रॉबिन मिंज ने सिर्फ 1 रन बनाया और नाबाद लौटे, जबकि शार्दुल ठाकुर पूरे मैच में मैदान पर मौजूद रहे—लेकिन उन्हें एक भी ओवर नहीं दिया गया।
कप्तान के फैसले पर उठे सवाल
मुंबई के कप्तान Hardik Pandya के इस फैसले पर अब सवाल उठने लगे हैं।
खास बात यह रही कि जब Jasprit Bumrah और Trent Boult जैसे अनुभवी गेंदबाज भी रन लुटा रहे थे, तब भी शार्दुल ठाकुर को गेंदबाजी का मौका नहीं दिया गया।
हैदराबाद ने पलटा मैच
240+ रन का लक्ष्य आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन Sunrisers Hyderabad के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए मुंबई के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच आसानी से अपने नाम कर लिया।
क्यों खास है ये मामला?
- IPL में 2023 से लागू ‘इम्पैक्ट सब’ नियम का मकसद रणनीतिक बदलाव था
- आमतौर पर इसका उपयोग अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज के रूप में होता है
- लेकिन पहली बार कोई इम्पैक्ट सब खिलाड़ी बिना बैटिंग और बॉलिंग किए सिर्फ फील्डिंग करता दिखा
यह घटना IPL के इतिहास में एक अनोखा उदाहरण बन गई है। जहां एक ओर यह रणनीतिक प्रयोग माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल भी खड़े कर रहा है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीमें इस नियम का इस्तेमाल किस तरह करती हैं।
