वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है। इससे पहले भी पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में करीब 8 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई थी।

बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों ने बाजार को राहत दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसमें दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को धीरे-धीरे खोलने की बात कही गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दुनिया की नजर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। पिछले कुछ समय से ईरान-अमेरिका तनाव के कारण इस मार्ग पर संकट बना हुआ था, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था।
अब अगर यह मार्ग दोबारा सामान्य होता है, तो वैश्विक सप्लाई बेहतर हो सकती है और तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
बाजार में अभी भी अनिश्चितता
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अभी पूरी तरह स्थिरता नहीं आई है। एनालिस्ट्स का कहना है कि जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुल नहीं जाता और दोनों देशों के बीच ठोस समझौता नहीं होता, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
अमेरिका पर भी बढ़ा दबाव
अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर सरकार पर घरेलू दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन तेल बाजार को स्थिर करने की कोशिश में जुटा है। वहीं अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ सकता है, जिसका असर सीधे तेल बाजार पर पड़ेगा।
