वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान को नया प्रस्ताव भेजा है, जिसकी समीक्षा ईरान कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर फिर से बमबारी शुरू की जा सकती है।

प्रस्ताव में सबसे अहम मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए दोबारा खोलना बताया जा रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
बाजारों में दिखा उत्साह
दो महीने से जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उत्साह देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हो गई है। निवेशकों को उम्मीद है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य खुलता है तो पर्सियन गल्फ से तेल सप्लाई सामान्य हो सकेगी।
हालांकि तनाव अभी भी बरकरार है। बुधवार को अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर पर कार्रवाई की, जो कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
ट्रंप बोले- जल्द खत्म हो सकता है युद्ध
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि दो महीने पुराना युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि तेल और गैस की बाधित सप्लाई फिर शुरू हो सकती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार करता है या नहीं।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे सहमत नहीं हुए, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।”
पाकिस्तान की मध्यस्थता भी रही विफल
पिछले महीने Pakistan की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और Israel ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसके बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया।
बार-बार बदल रहा अमेरिका का रुख
युद्ध के दौरान ट्रंप प्रशासन का रुख कई बार बदलता नजर आया। कभी युद्ध समाप्ति की बात कही गई तो कभी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इस बीच अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रहा है, जबकि ईरान ने जलमार्ग पर दबाव बनाए रखा है।
व्हाइट हाउस के करीबी सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक पेज के समझौता मसौदे पर चर्चा चल रही है। इसमें ईरानी यूरेनियम संवर्धन रोकने, अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को रिलीज करने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
आखिर कहां फंसा है पेच?
अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करे, जबकि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
इसी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष फिलहाल परमाणु मुद्दे को अलग रखकर बाकी विषयों पर समझौता कर सकते हैं, ताकि दो महीने से जारी युद्ध को समाप्त किया जा सके।
