ममता बनर्जी नहीं पहुंचीं शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में, बंगाल की सियासत में तेज हुई चर्चा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। BJP नेता Suvendu Adhikari ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार अस्तित्व में आ गई।

हालांकि, इस शपथ ग्रहण समारोह से ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की गैरमौजूदगी को लेकर होती रही। प्रोटोकॉल के तहत उन्हें कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वह समारोह में शामिल नहीं हुईं।

लोकतांत्रिक परंपरा पर उठे सवाल

राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा था कि लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए ममता बनर्जी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकती थीं, लेकिन उन्होंने दूरी बनाए रखी।

टीएमसी की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हार स्वीकार करने को तैयार नहीं ममता?

दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने अब तक औपचारिक रूप से अपनी पराजय स्वीकार नहीं की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी नहीं दिया था। इसके बाद राज्यपाल ने 7 मई को उनकी सरकार को बर्खास्त कर दिया, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।

आज उसी प्रक्रिया के तहत शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बंगाल की सत्ता में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन दर्ज हो गया।

BJP की ऐतिहासिक जीत

294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। वहीं, TMC 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस और AJUP को 2-2 सीटें मिलीं, जबकि CPIM और AISF के खाते में 1-1 सीट आई।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, लंबे समय बाद बंगाल की सत्ता में आया यह बदलाव राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

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