नई दिल्ली: देशभर में हाईवे यात्रा को और तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम की शुरुआत की है। इस नई तकनीक के जरिए अब वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) पर लागू किए गए इस एडवांस्ड सिस्टम में AI आधारित कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और फास्टैग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हुए भी स्वतः टोल भुगतान कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम से देशभर में टोल प्लाजा संचालन की लागत में भारी कमी आएगी और सरकार को हर साल करीब 6 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। इसके साथ ही करीब 285 करोड़ रुपये का पेट्रोल, डीजल और सीएनजी बचने का अनुमान है, जबकि 81 हजार टन कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।
गडकरी ने बताया कि अगर किसी वाहन का फास्टैग काम नहीं करता है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में 72 घंटे के भीतर टोल शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।
यह देश का दूसरा MLFF आधारित बैरियर-फ्री टोल प्लाजा है। इससे पहले गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा पर 1 मई 2026 को इस तकनीक की शुरुआत की गई थी।
वहीं, National Highways Authority of India के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने जानकारी दी कि सितंबर 2026 तक देश के 9 राज्यों में 17 टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाया जाएगा। इसके बाद मार्च 2027 तक 108 से ज्यादा टोल प्लाजा को इस तकनीक से जोड़ने की योजना है।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों से राहत मिलेगी, ईंधन की बचत होगी और यात्रियों को बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलेगा।
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