भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नार्को-आतंकी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद भारत पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे शेरा को भारत लाने के लिए NIA ने लगातार कानूनी और राजनयिक स्तर पर प्रयास किए थे।

NIA के मुताबिक, इकबाल सिंह शेरा पिछले कई सालों से पाकिस्तान समर्थित नार्को-टेरर नेटवर्क का अहम हिस्सा था। वह पंजाब और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक ड्रग्स तस्करी और हवाला के जरिए फंड पहुंचाने का काम करता था। जांच एजेंसी का कहना है कि शेरा पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी करवाकर उस पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करता था।
बताया जा रहा है कि शेरा साल 2020 में भारत से फरार होकर पुर्तगाल भाग गया था। उसके खिलाफ अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, जबकि जून 2021 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से ही NIA उसे भारत लाने की कोशिश में जुटी हुई थी।
यह मामला सबसे पहले पंजाब पुलिस के हाथ लगा था, जब हिजबुल मुजाहिदीन के ओवरग्राउंड वर्कर हिलाल अहमद शेरगोजरी को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से ड्रग्स बिक्री से जुड़े करीब 29 लाख रुपये बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि हिलाल, मारे गए आतंकी कमांडर रियाज नाइकू का करीबी था। बाद में NIA ने केस अपने हाथ में लेकर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की।
NIA का कहना है कि शेरा भारत में बैठे नार्को-टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड था और उसकी गिरफ्तारी से पाकिस्तान समर्थित आतंक और ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है।
