पीएनबी नागल सहारनपुर में चार महीने से खाता ट्रांसफर लटका: खाताधारक की शिकायत वित्त मंत्रालय व आरबीआई तक पहुंची, कर्मचारियों की लापरवाही से महिला परेशान

मेरठ/सहारनपुर, 20 जुलाई 2025:
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जहां देशभर में अपनी सेवाओं और बैंकिंग उत्पादों को लेकर जाना जाता है, वहीं सहारनपुर जिले की नागल शाखा (IFSC: PUNB0080700) अपने लापरवाह, कामचोर और कर्तव्यहीन कर्मचारियों के कारण सवालों के घेरे में है।

मेरठ निवासी एक महिला खाताधारक, जोकि ‘एशियन एक्सप्रेस’ समाचार पत्र के मुख्य संपादक की पत्नी हैं, ने जनवरी 2025 में अपना बचत खाता नागल (सहारनपुर) से पीएनबी आबूलेन, मेरठ शाखा में ट्रांसफर कराने हेतु आवेदन किया था। महिला ने सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और शपथ-पत्र समय से जमा किए, लेकिन इसके बावजूद चार महीने बीत जाने के बाद भी खाता स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।

कई स्तरों पर प्रयास, फिर भी नहीं जागे नागल ब्रांच के अधिकारी

पीएनबी मेरठ शाखा द्वारा बार-बार मेल, व्हाट्सएप और कॉल कर नागल शाखा को खाता ट्रांसफर के लिए अनुरोध भेजा गया। स्वयं शाखा प्रबंधक ने दर्जनों बार नागल शाखा के प्रबंधक से संपर्क कर मामला जल्द निपटाने को कहा, पर पीएनबी नागल सहारनपुर के अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा।

खाताधारक की तबीयत खराब, मगर बैंक में फाइलें धूल फांक रहीं

महिला खाताधारक की तबीयत पिछले कुछ महीनों से खराब चल रही है और उन्होंने मेरठ में चिकित्सा सुविधा को देखते हुए खाता स्थानांतरण का निर्णय लिया। मगर बैंक की इस उदासीनता ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं। 125 किलोमीटर की दूरी तय कर हर बार नागल जाना उनके लिए असंभव है, इसी वजह से खाता ट्रांसफर आवश्यक हो गया था।

क्या समय पर कार्य न करना भी भ्रष्टाचार है?

समय पर कार्य न करना, उपभोक्ता की उपेक्षा करना और कर्तव्य से बचना एक प्रकार का संस्थागत भ्रष्टाचार ही है। यदि कोई अधिकारी महीनों तक उपभोक्ता का जायज कार्य नहीं करता, तो वह अपने पद और जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेही से मुंह मोड़ रहा है।

शिकायत पहुंची शीर्ष स्तर तक

महिला खाताधारक ने अब पीएनबी के केंद्रीय ग्राहक सेवा प्रकोष्ठ, वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और जिला उपभोक्ता फोरम तक अपनी शिकायत दर्ज करा दी है। साथ ही बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर दोषी कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

सवालों के घेरे में पंजाब नेशनल बैंक की कार्यसंस्कृति

इस प्रकरण ने एक बार फिर देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कार्यसंस्कृति और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यदि किसी महिला खाताधारक को बार-बार अपील करने के बावजूद भी न्यूनतम सेवा नहीं मिल पा रही है, तो आम ग्राहकों का क्या होगा?


आवाज़ प्लस की मांग:

पंजाब नेशनल बैंक को नागल शाखा में तैनात उन कर्मचारियों और अधिकारियों की तत्काल जांच करनी चाहिए, जिन्होंने चार महीने से उपभोक्ता की फाइल को दबाकर रखा है। साथ ही ऐसे मामलों में समयबद्ध सेवा गारंटी लागू की जाए जिससे भविष्य में कोई ग्राहक ऐसे हालातों का शिकार न बने।

(रिपोर्ट: आवाज़ प्लस ब्यूरो, मेरठ-सहारनपुर)
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