लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे शातिर लूट गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो किराए पर ली गई काली थार SUV से अकेले यात्रियों को लिफ्ट देकर उनसे मारपीट करता और नकदी-मोबाइल लूटकर सुनसान इलाकों में छोड़ देता था। गिरोह ने महज एक सप्ताह में सरोजनी नगर, सैरपुर और बीकेटी क्षेत्रों में तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था।
शुक्रवार को सैरपुर थाना पुलिस ने स्वाट और क्राइम ब्रांच टीम की मदद से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूट में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी, करीब 40 हजार रुपये नकद और अन्य सामान बरामद किया गया है।
🧩 ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी सड़क किनारे अकेले खड़े लोगों को देखकर उन्हें सस्ते किराये में गंतव्य तक छोड़ने का लालच देते थे। जैसे ही पीड़ित गाड़ी में बैठता, अंदर मौजूद बदमाश उसे पीटना शुरू कर देते और मोबाइल, नकदी व अन्य सामान लूट लेते। इसके बाद पीड़ित को किसी सुनसान जगह छोड़कर फरार हो जाते थे।
📍 तीन पीड़ित, एक ही तरीका
🔹 टैंकर चालक से 60 हजार की लूट
कानपुर के घाटमपुर निवासी हृदय नारायण 1 फरवरी को सरोजनी नगर के हाइडिल चौराहे पर वाहन का इंतजार कर रहे थे। थार सवार बदमाशों ने सौ रुपये में कानपुर छोड़ने का झांसा दिया। गाड़ी में बैठते ही उनकी पिटाई की गई और 60 हजार रुपये व मोबाइल लूटकर सैरपुर इलाके में फेंक दिया गया।
🔹 शिक्षक को बनाया निशाना
30 जनवरी को बहराइच के राजकीय इंटर कॉलेज में तैनात बलराम पटेल कमता इलाके से कॉलेज जाने के लिए सवारी तलाश रहे थे। तीन बदमाशों ने लिफ्ट दी और रास्ते में उनका मोबाइल व 500 रुपये छीन लिए। बाद में उन्हें बीकेटी के किसान पथ पर छोड़ दिया गया।
🔹 ऑनलाइन ट्रांसफर कराए एक लाख
3 फरवरी को कानपुर निवासी हुसैन को स्कूटर इंडिया चौराहे से बैठाया गया। उनसे 5400 रुपये और मोबाइल लूटने के बाद बदमाश उन्हें एक जनसेवा केंद्र ले गए, जहां धमकाकर एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। फिर रनिया इलाके में छोड़कर फरार हो गए।
तीनों मामलों में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज थे।
🎥 CCTV से खुला राज
एडीसीपी उत्तरी ऋषभ रुणवाल के मुताबिक पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो शहीद पथ पर आरोपी नंबर प्लेट बदलते हुए दिखे। यहीं से पूरे गिरोह की पहचान हुई और संयुक्त कार्रवाई कर सभी को दबोच लिया गया।
👥 गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पकड़े गए बदमाशों की पहचान इस प्रकार हुई:
- ऋषभ गोस्वामी (सेवई गांव, सुशांत गोल्फ सिटी)
- अक्षय कुमार
- आलोक
- शुभम पांडेय (सहजनवा, गोरखपुर)
- ऋषभ पांडेय (हैदरगढ़, बाराबंकी)
- ज्ञानी (मोहीदीनपुर, पीजीआई)
- राम सफल रावत
पुलिस के अनुसार ऋषभ गोस्वामी, अक्षय कुमार और ऋषभ पांडेय पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
🚗 ट्रेवल एजेंसी की आड़ में अपराध
जांच में सामने आया कि ऋषभ पांडेय बाराबंकी का मूल निवासी है और फिलहाल आशियाना क्षेत्र में रहकर ट्रेवल एजेंसी चलाता था। वही करीब 5000 रुपये लेकर थार किराए पर दिलवाता था, जिसका इस्तेमाल गिरोह लूट की वारदातों में करता था।
⚖️ जेल भेजे गए सभी आरोपी
सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह ने अन्य जिलों में भी ऐसी घटनाएं तो नहीं की हैं।
