रामायण के ‘केवट’ को नहीं मिला स्टारडम, 200 नाटकों के बाद भी गुमनामी में हुई मौत

80 के दशक का सबसे चर्चित पौराणिक धारावाहिक ‘रामायण’ आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। इस शो ने अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया, अरविंद त्रिवेदी और सुनील लहरी जैसे कलाकारों को घर-घर पहचान दिलाई। लेकिन इसी धारावाहिक में ‘केवट’ का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता कौस्तुभ त्रिवेदी जिंदगीभर उस पहचान और स्टारडम को तरसते रहे, जिसके वह हकदार थे।

भक्ति भाव से जीत लिया था दर्शकों का दिल

रामायण में केवट वाला दृश्य आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देता है। प्रभु श्रीराम के चरण धोकर उन्हें सरयू नदी पार कराने वाला यह किरदार कौस्तुभ त्रिवेदी ने इतने भावुक और जीवंत अंदाज में निभाया कि लोग उनकी एक्टिंग के मुरीद हो गए। उनकी सादगी और अभिनय ने इस छोटे से किरदार को भी अमर बना दिया।

थिएटर की दुनिया का बड़ा नाम थे कौस्तुभ

कौस्तुभ त्रिवेदी गुजराती थिएटर का बड़ा चेहरा माने जाते थे। उन्होंने अभिनेता और प्रोड्यूसर के तौर पर करीब 200 नाटकों में काम किया। थिएटर में उनकी जबरदस्त पकड़ थी और गुजराती सिनेमा व रंगमंच में उन्हें काफी सम्मान मिला। बावजूद इसके, टीवी और फिल्मी दुनिया में उन्हें वह सफलता नहीं मिल सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

रामायण के बाद अचानक गायब हो गए

‘रामायण’ खत्म होने के बाद कौस्तुभ त्रिवेदी धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया से दूर हो गए। बाद में उन्होंने थिएटर प्रोडक्शन का काम संभाला और करीब 25 साल तक गुजराती रंगमंच में सक्रिय रहे। हालांकि, बड़े पर्दे और टीवी की चमक-दमक से वह दूर ही रहे।

गुमनामी में दुनिया को कहा अलविदा

मई 2025 में कौस्तुभ त्रिवेदी के निधन की खबर सामने आई। बढ़ती उम्र से जुड़ी समस्याओं के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से थिएटर और मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जिस कलाकार ने ‘केवट’ बनकर करोड़ों दर्शकों को भावुक किया, वह जिंदगी के आखिरी पड़ाव में गुमनामी में ही इस दुनिया को छोड़ गया।

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