कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को नया इतिहास रच दिया गया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बंगाल में पहली बार BJP सरकार की शुरुआत की। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत NDA के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

शुभेंदु के साथ 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ BJP के 5 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। पार्टी ने मंत्रिमंडल गठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है।
चुनाव में BJP को मिला प्रचंड बहुमत
2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। चुनाव नतीजों को बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह में जुटे कई बड़े चेहरे
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
भवानीपुर और नंदीग्राम में बड़ी जीत
शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत हासिल की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराया, जबकि नंदीग्राम में भी बड़ी जीत दर्ज की। इन दोनों सीटों को चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा था।
रिकॉर्ड मतदान ने बदला बंगाल का सियासी समीकरण
इस विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल मतदान प्रतिशत 92.47 रहा, जिसे राज्य के इतिहास में सबसे अधिक माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार भारी मतदान और सत्ता विरोधी लहर ने BJP को स्पष्ट बहुमत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
