महोबा की जल क्रांति: जल जीवन मिशन ने बदली ग्रामीण सुबह
395 गाँव ‘हर घर जल’ सर्टिफाइड, महोबा ने रचा कीर्तिमान
जल जीवन मिशन के तहत 3205 किमी पाइपलाइन बिछी • 1,12,032 घरों तक पहुँचा नल जल • जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने प्रगति पर लगाई मुहर
जिले में ग्रामीण जलापूर्ति की पाँच प्रमुख परियोजनाएँ संचालित हैं। इन परियोजनाओं के तहत 3224 किमी पाइपलाइन बिछाई जानी थी, जिसमें से 3205 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है। दूरस्थ बस्तियों तक नेटवर्क पहुँचाने, लीकेज-रहित आपूर्ति सुनिश्चित करने और मानक अनुरूप कार्य कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नेतृत्व और निगरानी
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध प्रगति पर जोर दिया। विभागीय समन्वय और जमीनी अड़चनों के त्वरित समाधान ने काम की गति बनाए रखी।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने भी प्रगति की पुष्टि करते हुए कहा कि कार्य मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा में कराया गया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में गाँव ‘हर घर जल’ सर्टिफिकेशन की कसौटी पर खरे उतरे।
बदली ग्रामीण दिनचर्या
नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं और बच्चियों, को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भरता से राहत मिली है। घर के आँगन में जल उपलब्ध होने से समय और श्रम की बचत हो रही है। स्वच्छ पानी की उपलब्धता से स्वच्छता आदतों में सुधार और जलजनित रोगों में कमी की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर ग्राम जल समितियों को रखरखाव की जिम्मेदारी देकर व्यवस्था को टिकाऊ बनाया गया है।
प्रमुख आँकड़े (फैक्ट बॉक्स)
- प्रस्तावित पाइपलाइन: 3224 किमी
- बिछाई गई पाइपलाइन: 3205 किमी
- सक्रिय नल कनेक्शन: 1,12,032 (99.83%)
- ‘हर घर जल’ सर्टिफाइड गाँव: 395 (92.53%)
- प्रदेश में रैंक: दूसरा, टॉप-3 में स्थान
क्यों बना महोबा मॉडल
समयबद्ध निष्पादन, गुणवत्ता पर जोर, प्रशासनिक निगरानी और सामुदायिक सहभागिता—इन चार स्तंभों पर खड़ा यह अभियान महोबा को अन्य जिलों के लिए उदाहरण बना रहा है। जल जीवन मिशन के माध्यम से यहाँ केवल पाइपलाइन नहीं बिछी, बल्कि ग्रामीण जीवन की सुविधा, स्वास्थ्य और गरिमा को नई दिशा मिली है।
(आवाज प्लस ब्यूरो, महोबा)

