मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के विजिलेंस पार्क स्थित ऊर्जा भवन से जुड़े विद्युत वितरण विभाग में कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। विजिलेंस पार्क विद्युत वितरण खंड में तैनात अधिकारियों पर रिश्वत लेकर बिजली कनेक्शन देने का गंभीर आरोप सामने आया है। प्रबंध निदेशक को भेजी गई लिखित शिकायत में अवर अभियंता (JE) और उपखंड अधिकारी (SDO) पर नियमों को दरकिनार कर नए कनेक्शन जारी करने तथा बाद में नाम परिवर्तन कर विभागीय राजस्व को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के अनुसार
- 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच लगभग 18 नए बिजली कनेक्शन दिए गए।
- ये सभी कनेक्शन 100 मीटर से अधिक दूरी की श्रेणी में आते थे।
- नियमों के अनुसार भारी खर्च व विभागीय प्रक्रिया लागू होनी चाहिए थी, लेकिन आरोप है कि 👉 प्रति कनेक्शन ₹25,000 से ₹50,000 तक रिश्वत लेकर कनेक्शन जारी किए गए।
शिकायत में अवर अभियंता पुष्पेंद्र कुमार पर यह कार्रवाई एसडीओ अजय राणा की मौजूदगी में कराने का आरोप लगाया गया है।
नाम परिवर्तन कर विभाग को नुकसान?
आगे आरोप लगाया गया है कि बाद में
- 8 कनेक्शनों का नाम परिवर्तन किया गया
- विभागीय रसीद काटे बिना कथित रूप से नकद लेन-देन हुआ
- इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाकर निजी लाभ कमाने की बात कही गई है
शिकायतकर्ता ने कई उपभोक्ता अकाउंट नंबर भी पत्र में दर्ज किए हैं और उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की है।
रिश्वत लेकर दिए गए नए कनेक्शन (01 नवम्बर – 31 दिसम्बर 2025)
शिकायत के अनुसार 100 मीटर से अधिक दूरी वाले कनेक्शनों के लिए ₹25,000 से ₹50,000 तक नकद लिए गए।
दर्ज अकाउंट ID —
8283644055
9306320126
8754619596
3615875548
4833219490
0760325672
62035110002
9872897290
7662861465
4735960499
8949212352
3485880866
8677714726
6652971608
8745496176
1486182447
2916228505
8323863047
इन कनेक्शनों को अवर अभियंता पुष्पेंद्र कुमार द्वारा एसडीओ अजय राणा की मौजूदगी में जारी कराने का आरोप लगाया गया है।
नाम परिवर्तन कर विभाग को नुकसान पहुंचाने का आरोप
बाद में 8 कनेक्शनों का नाम परिवर्तन कर कथित रूप से बिना रसीद नकद लेन-देन करने की शिकायत की गई है।
दर्ज अकाउंट ID —
1521475000
4875475000
0510278617
9227361008
5661997789
9103688545
9683185000
8129392044
शिकायत में कहा गया है कि इन कनेक्शनों में विभागीय राजस्व की हानि कर निजी लाभ लिया गया।
उच्च अधिकारियों से जांच की मांग
शिकायत पत्र में प्रबंध निदेशक से अनुरोध किया गया है कि:
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो
- विभाग को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई कराई जाए
विभागीय प्रतिक्रिया
अब तक संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि ऊर्जा विभाग में लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आने से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
AWAZ PLUS का मानना है कि
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला न केवल विभागीय भ्रष्टाचार बल्कि राजस्व हानि का भी गंभीर उदाहरण बन सकता है। जनता की नजर अब जांच और कार्रवाई पर टिकी है — क्या जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज या मामला दब जाएगा?
(यह समाचार शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। अंतिम सत्यता विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।)
