1995 के पुराने केस में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, आवास पर पुलिस से तीखी बहस — बोले, “रात में थाने नहीं जाऊंगा, कोर्ट जाएंगे”

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई का नेतृत्व खुद सिटी एसपी पटना पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने किया। पुलिस के मुताबिक यह मामला गर्दनीबाग थाना क्षेत्र से जुड़ा 1995 का पुराना केस है, जिसमें अदालत के आदेश के बावजूद पप्पू यादव पेश नहीं हुए थे। इसी आधार पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

सिटी एसपी पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने न्यूज़ 18 से बातचीत में बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए पुलिस टीम सांसद को गिरफ्तार करने उनके आवास पहुंची। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

🗣️ पुलिस और पप्पू यादव के बीच तीखी बहस

गिरफ्तारी के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पप्पू यादव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान पप्पू यादव ने कहा—

“मुझे डर है कि ये लोग मुझे मरवा देंगे। रात में इनके थाने नहीं जाऊंगा। हम सुबह ही जाएंगे। आपके पास कोर्ट का कोई ऑर्डर नहीं है। हम लोग इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हम आपके साथ नहीं जाएंगे।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान का खतरा है, इसलिए वे रात में थाने जाने को तैयार नहीं हैं।

⚖️ वकील का पक्ष: “जमानत टूटी, उसी केस में गिरफ्तारी”

पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि यह मामला 1995 का है, जिसमें उनकी जमानत टूट गई थी। उसी पुराने केस के आधार पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची है। वकील के मुताबिक इस पूरे मामले को लेकर वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।

📱 सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा—

“बहुत शानदार बिहार पुलिस।”

इस पोस्ट के बाद समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।

🔎 कुर्की से जुड़ा पुराना मामला

बताया जा रहा है कि पुलिस जिस केस में कार्रवाई कर रही है, वह कुर्की से जुड़े पुराने मामले से संबंधित है। कोर्ट के आदेशों का पालन न होने के चलते वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।

✍️ निष्कर्ष

करीब तीन दशक पुराने मामले में हुई इस गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। एक तरफ पुलिस इसे न्यायिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं दूसरी ओर पप्पू यादव इसे अपने खिलाफ कार्रवाई मानते हुए अदालत जाने की बात कह रहे हैं। अब सबकी निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई और इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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