जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने हवाला और मनी-लॉन्ड्रिंग के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 8,000 “म्यूल बैंक अकाउंट” फ्रीज कर दिए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन खातों के जरिए घुमाया जा रहा पैसा आखिरकार अलगाववादी और संभावित आतंकी गतिविधियों तक पहुंच सकता था।
क्या है “म्यूल अकाउंट”?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे अपराधी सीधे इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि किसी और के नाम पर खुलवाकर गैर-कानूनी पैसे को इधर-उधर घुमाने में इस्तेमाल करते हैं।
आमतौर पर ये खाते इन तरीकों से बनते हैं:
- नकली पहचान पत्र से अकाउंट खुलवाना
- नौकरी/कमीशन का लालच देकर लोगों से खाता खुलवाना
- गरीब या बेरोजगार युवाओं को किराये पर खाता देना
- ब्लैकमेल या साइबर फ्रॉड के जरिए खाते का इस्तेमाल
पुलिस क्या कह रही है
काउंटर-इंटेलिजेंस कश्मीर के SSP ताहिर अशरफ भाटी के अनुसार:
- आतंकवाद को फाइनेंस करना गंभीर अपराध है
- हजारों संदिग्ध खाते जांच के दायरे में हैं
- यह पता लगाना बड़ी चुनौती है कि पैसा कहां से आता और कहां जाता है
- कई मामलों में पैसा बाद में डिजिटल करेंसी में बदल दिया जाता है
- इंटरनेशनल लिंक होने की भी आशंका है
विदेशों से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों की स्टडी में सामने आया:
- चीन
- मलेशिया
- म्यांमार
- कंबोडिया
- पाकिस्तान
में बैठे ऑपरेटर भारत में लोगों को बैंक खाते खुलवाने या देने के लिए भर्ती कर रहे थे। आशंका है कि लॉन्ड्रिंग का हिस्सा आतंक और अलगाववादी गतिविधियों तक पहुंच सकता है।
क्यों खतरनाक है यह रैकेट
- साइबर फ्रॉड का पैसा छुपाया जाता है
- हवाला चैनल मजबूत होते हैं
- आतंक वित्तपोषण की संभावना बढ़ती है
- आम लोगों को फंसाकर कानूनी मुसीबत में डाल दिया जाता है
आम लोगों के लिए चेतावनी
👉 अपना बैंक खाता, ATM, OTP या KYC किसी को न दें
👉 “कमीशन के बदले अकाउंट इस्तेमाल” = अपराध
👉 खाते का दुरुपयोग हुआ तो जेल + भारी जुर्माना हो सकता है
