अडानी समूह ने बनाई दो नई ग्रीन एनर्जी कंपनियां, विदेशी ब्रोकरेज ने शेयरों को दिया बढ़ावा

गौतम अडानी समूह ने हाल ही में दो नई कंपनियों की स्थापना की है, जो अडानी ग्रीन एनर्जी की सब्सिडियरी हैं। इन कंपनियों का उद्देश्य सोलर, विंड और अन्य रिन्यूएबल ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन, विकास और वितरण करना है।

नई कंपनियों का विवरण

  • अडानी इकोजेन वन लिमिटेड (AE1L)
  • अडानी इकोजेन टू लिमिटेड (AE2L)

दोनों कंपनियों में अडानी रिन्यूएबल एनर्जी होल्डिंग इलेवन लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी होगी। ये कंपनियां अहमदाबाद, गुजरात में रजिस्टर्ड हैं और अभी व्यावसायिक संचालन शुरू नहीं हुआ है। अधिकृत और चुकता पूंजी दोनों कंपनियों के लिए ₹1 लाख रखी गई है।

शेयरों पर प्रभाव

19 सितंबर 2025 को अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में तेजी देखने को मिली:

  • दिन का उच्चतम स्तर: ₹1070.50 (+8%)
  • बंद मूल्य: ₹1031.10 (+5.33%)

इस तेजी का प्रमुख कारण अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों में क्लीन चिट मिलना रहा। नियामक ने जनवरी 2023 के आरोपों में कोई गड़बड़ी का प्रमाण नहीं पाया।

विदेशी ब्रोकरेज का रुख

  • जेफरीज ने अडानी ग्रीन के शेयर के लिए ₹1,300 का टारगेट रखा है, जो मौजूदा स्तरों से 30% से अधिक की वृद्धि संभावना दर्शाता है।
  • जेफरीज का अनुमान है कि अडानी ग्रीन की क्षमता वित्त वर्ष 2025 में 14 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 50 गीगावाट हो जाएगी, जिसमें से 31.5 गीगावाट पहले से दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों के तहत तय है।
  • मॉर्गन स्टेनली ने अडानी पावर के शेयर के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग शुरू की और टारगेट प्राइस ₹818 निर्धारित किया।

भविष्य की योजना

अडानी ग्रीन एनर्जी समूह 2030 तक देश में 30 गीगावाट सोलर क्षमता विकसित करने की योजना बना रहा है, जिसमें खावड़ा परियोजना प्रमुख है। यह भारत में लद्दाख के बाद सबसे अच्छा सौर विकिरण स्तर वाला क्षेत्र माना जाता है।

निष्कर्ष

अडानी समूह की यह पहल न केवल भारत में ग्रीन एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि विदेशी निवेशकों और ब्रोकरेज फर्मों के भरोसे को भी मजबूत करेगी। निवेशकों की नजर अब इन नई सब्सिडियरी कंपनियों और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों पर है, जिससे समूह की भविष्य की विकास दर और बाजार स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

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