नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026–27 शैक्षणिक सत्र के लिए नया सेकेंडरी स्कूल पाठ्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें भाषा, गणित, विज्ञान और सोशल साइंस में बड़े संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2023 के अनुरूप लागू किए जा रहे हैं।
🔹 कक्षा 6 से लागू होगा त्रिभाषा फॉर्मूला
CBSE ने कक्षा 6 से “थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला” को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत भाषा विषयों को तीन स्तरों—R1, R2 और R3 में बांटा गया है।
- R1 (भाषा-1): छात्र की मुख्य भाषा
- R2 (भाषा-2): दूसरी अलग भाषा
- R3 (तीसरी भाषा): कक्षा 6 से अनिवार्य
यह व्यवस्था 2030–31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। बोर्ड के अनुसार, हिंदी, अंग्रेजी सहित 42 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं का विकल्प छात्रों को मिलेगा।
🔹 कक्षा 9 में गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय व्यवस्था
2026–27 से कक्षा 9 में गणित और विज्ञान विषयों में नई दो-स्तरीय प्रणाली (स्टैंडर्ड + एडवांस्ड) लागू होगी।
- स्टैंडर्ड पेपर: 80 अंक, 3 घंटे
- एडवांस्ड पेपर: 25 अंक (HOTS आधारित)
यह नई व्यवस्था मौजूदा “बेसिक और स्टैंडर्ड” गणित प्रणाली की जगह लेगी। कक्षा 10 के लिए इस पैटर्न की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित होगी।
🔹 सोशल साइंस में नया कंटेंट और पैटर्न
सोशल साइंस के लिए नई किताबें तैयार की जाएंगी, जिनमें इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को एकीकृत रूप में पढ़ाया जाएगा।
- केस स्टडी, मैप वर्क और डेटा एनालिसिस पर जोर
- 80 अंक थ्योरी + 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन
🔹 AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की एंट्री
CBSE ने संकेत दिया है कि 2027–28 सत्र से “कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)” को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है, जिससे छात्रों में तकनीकी और विश्लेषणात्मक कौशल विकसित होंगे।
