543 से 850 सीटें: महिला आरक्षण पर क्यों गरमाया विपक्ष?

आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र से पहले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्र सरकार जहां इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जोड़कर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे पर आज दोपहर 3 बजे मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDI गठबंधन की अहम बैठक भी बुलाई गई है।

संसद में मैराथन चर्चा, बढ़ाया गया सत्र

महिला आरक्षण को लेकर लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को विस्तृत चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में 18 अप्रैल को इस पर बहस और मतदान प्रस्तावित है। सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के लिए बजट सत्र को तीन दिनों तक बढ़ा दिया है।

सीटें 543 से 850 करने पर उठे सवाल

विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के साथ-साथ लोकसभा सीटों के परिसीमन की तैयारी कर रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना राजनीतिक लाभ के लिए हो सकती है, जिसका असर 2029 के आम चुनाव पर पड़ेगा।

विपक्ष के तीन बड़े मुद्दे

  1. मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू हो
    विपक्ष का कहना है कि 543 मौजूदा लोकसभा सीटों में ही 33% महिला आरक्षण दिया जाए। इस मुद्दे को मल्लिकार्जुन खरगे पहले भी सदन में उठा चुके हैं।
  2. दक्षिण भारत को संभावित नुकसान
    विपक्षी दलों का आरोप है कि सीटों की संख्या बढ़ाने से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है, जिससे राजनीतिक संतुलन प्रभावित होगा और इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिल सकता है।
  3. OBC आरक्षण का मुद्दा
    सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी महिलाओं के लिए अलग कोटा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असल में महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन को आगे बढ़ाना चाहती है।

विपक्ष की रणनीति पर मंथन

बैठक से पहले कांग्रेस की रणनीतिक समिति भी सक्रिय है। इसमें राहुल गांधी, शशि थरूर, जयराम रमेश, के सी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में संसद के अंदर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई।

महिला आरक्षण विधेयक पर जहां एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर इसके साथ जुड़े परिसीमन और राजनीतिक समीकरणों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आने वाले तीन दिन संसद में इस मुद्दे पर तीखी बहस के गवाह बन सकते हैं।

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