📍 नई दिल्ली/बर्लिन | आवाज़ प्लस
भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने जा रही है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh 21 से 23 अप्रैल तक जर्मनी के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जहां 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की खरीद को लेकर करीब 70 हजार करोड़ से 99 हजार करोड़ रुपये तक की मेगा डील फाइनल होने की संभावना है।

🇮🇳🤝🇩🇪 रणनीतिक साझेदारी पर जोर
इस दौरे के दौरान राजनाथ सिंह अपने जर्मन समकक्ष Boris Pistorius और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। बातचीत का मुख्य फोकस रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना रहेगा।
⚓ प्रोजेक्ट P-75I के तहत मिलेंगी पनडुब्बियां
भारत को प्रोजेक्ट 75I (P-75I) के तहत 6 अत्याधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियां मिल सकती हैं। खास बात यह है कि इनका निर्माण भारत में ही किया जाएगा।
- निर्माण: Mazagon Dock Shipbuilders Limited (मुंबई)
- तकनीकी सहयोग: ThyssenKrupp Marine Systems
यह कदम “मेक इन इंडिया” पहल को भी मजबूती देगा।
🏭 डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग को बढ़ावा
बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योगों की साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। संभावित सहयोग के क्षेत्र:
- साइबर सुरक्षा
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- ड्रोन टेक्नोलॉजी
- उभरते रक्षा सेक्टर
📑 संभावित समझौते और एजेंडा
इस दौरे के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं:
- रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप
- संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए प्रशिक्षण सहयोग
- मिलिट्री-टू-मिलिट्री संबंध मजबूत करना
- चल रही परियोजनाओं की समीक्षा और नए अवसरों की तलाश
🌍 7 साल बाद महत्वपूर्ण दौरा
करीब 7 साल बाद भारत का कोई कैबिनेट मंत्री जर्मनी की आधिकारिक यात्रा पर गया है। इससे पहले Nirmala Sitharaman ने 2019 में जर्मनी का दौरा किया था।
यह दौरा भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों को नई दिशा देने, अत्याधुनिक तकनीकी सहयोग बढ़ाने और भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
