लखनऊ | आवाज़ प्लस
Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीम इंडिया के भविष्य को लेकर व्यापक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। आगामी इंटरनेशनल सीज़न, ICC World Test Championship (WTC) और 2027 के वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के वर्कलोड और टीम कॉम्बिनेशन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

बुमराह के लिए खास प्लान
भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर बोर्ड बेहद सतर्क है। सूत्रों के मुताबिक, BCCI की योजना है कि बुमराह WTC साइकिल के सभी अहम टेस्ट मैचों में उपलब्ध रहें। इसके लिए उन्हें सीमित ओवरों, खासकर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रखा जा सकता है।
जून से शुरुआत, अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट
टीम इंडिया जून में Afghanistan national cricket team के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगी। हालांकि यह मुकाबला WTC का हिस्सा नहीं होगा, लेकिन इसे आगामी चुनौतीपूर्ण सीरीज के लिए तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज अहम भूमिका निभाएंगी।
WTC में पिछड़ी टीम इंडिया
फिलहाल भारतीय टीम WTC अंक तालिका में छठे स्थान पर है। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को आगामी चार टेस्ट मैचों में जीत हासिल करनी होगी। बोर्ड का मानना है कि इन मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन से टीम की स्थिति मजबूत हो सकती है।
टी20 से दूरी, टेस्ट पर फोकस
संकेत हैं कि बुमराह अगले दो वर्षों तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आएंगे, क्योंकि इस दौरान कोई बड़ा टी20 टूर्नामेंट निर्धारित नहीं है। ऐसे में उनका पूरा ध्यान टेस्ट और चुनिंदा वनडे मुकाबलों पर रहेगा।
युवा खिलाड़ियों पर भी नजर
BCCI भविष्य की टीम तैयार करने के लिए युवा खिलाड़ियों पर भी दांव खेल रहा है। Devdutt Padikkal को नंबर-3 बल्लेबाज के रूप में तैयार किया जा रहा है, जबकि Dhruv Jurel को विकेटकीपर के अलावा एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं Ruturaj Gaikwad भी मिडिल ऑर्डर में मजबूत विकल्प के तौर पर उभर रहे हैं।
आगे की राह
आने वाले महीनों में लगातार क्रिकेट शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों का फिटनेस मैनेजमेंट और सही टीम कॉम्बिनेशन ही टीम इंडिया की सफलता की कुंजी होगा। BCCI की यह रणनीति आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में टीम को मजबूत आधार देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
