पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पहले चरण की वोटिंग के बीच मुर्शिदाबाद में हंगामा, कई जगहों पर झड़प और तकनीकी बाधाएं

आवाज़ प्लस | विशेष समाचार रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत आज 152 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के उत्तर से दक्षिण तक पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है, खासकर युवाओं और महिलाओं से अधिक संख्या में मतदान करने का आग्रह किया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 2.5 लाख जवानों की तैनाती की गई है। 8000 से अधिक मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।

मुर्शिदाबाद में तनाव

मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र में आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के नेता हुमायूं कबीर के पहुंचने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के बीच तीखी झड़प और नारेबाजी हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस बल को सक्रिय होना पड़ा।

इसके अलावा, इसी क्षेत्र में देसी बम फेंके जाने की घटना में कई लोग घायल हो गए, जिससे चुनावी माहौल और संवेदनशील हो गया है।

तकनीकी खामियां भी आई सामने

कूच बिहार में वीवीपैट मशीन खराब होने और एक बूथ पर ईवीएम की बैटरी खत्म होने से कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। हालांकि प्रशासन ने जल्द ही समस्या को ठीक करने का दावा किया है।

शुरुआती मतदान प्रतिशत

सुबह 9 बजे तक करीब 18.76% मतदान दर्ज किया गया है। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से अधिक देखने को मिल रही है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पहले चरण में 100 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है, जबकि Mamata Banerjee की पार्टी टीएमसी ने विपक्ष के दावों को खारिज किया है।

अहम सीटों पर नजर

भवानीपुर, खड़गपुर सदर, मुर्शिदाबाद और बहरामपुर जैसी सीटों पर खास नजर बनी हुई है, जहां बड़े नेताओं की साख दांव पर है।

भारी सुरक्षा और मतदाताओं के उत्साह के बीच पहले चरण की वोटिंग जारी है, लेकिन कुछ स्थानों पर हिंसा और तकनीकी बाधाएं चुनावी प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े कर रही हैं। आने वाले चरणों में प्रशासन की परीक्षा और भी कठिन होने वाली है।

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