पश्चिम बंगाल चुनाव: रिकॉर्ड मतदान के बीच छिटपुट हिंसा, कई जिलों में 90% से अधिक वोटिंग

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर मतदान दर्ज किया गया, जहां 152 सीटों पर कुल 92.88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन आयोग के अनुसार यह राज्य में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जिसने वर्ष 2011 के 84.72 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

हालांकि इस रिकॉर्ड वोटिंग के बीच राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, उपद्रव और झड़पों की घटनाएं भी सामने आईं। आसनसोल, मालदा, कूचबिहार, सिलीगुड़ी और मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। कई स्थानों पर उम्मीदवारों पर हमले, पथराव और मारपीट की घटनाएं भी हुईं।

कूचबिहार और दक्षिण दिनाजपुर में सबसे ज्यादा मतदान
मतदान प्रतिशत के लिहाज से कूचबिहार जिला सबसे आगे रहा, जबकि दक्षिण दिनाजपुर में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। मुर्शिदाबाद, बांकुड़ा और कूचबिहार में मतदान 90 प्रतिशत से अधिक रहा, वहीं मालदा, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भी लगभग इसी स्तर का मतदान दर्ज किया गया। कलिम्पोंग में अपेक्षाकृत कम, करीब 81 प्रतिशत मतदान हुआ।

बीरभूम में बढ़ा तनाव
बीरभूम जिले के खारिसोल में मतदान के अंतिम घंटों में तनाव बढ़ गया। मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उनके वोट गलत तरीके से दूसरी पार्टी के खाते में दर्ज हो रहे हैं। इस पर चुनाव अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद प्रदर्शन शुरू हो गया।

हिंसा और झड़पों की प्रमुख घटनाएं

  • दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ हाथापाई की घटना सामने आई।
  • आसनसोल दक्षिण के रहमत नगर में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर पथराव हुआ।
  • मुर्शिदाबाद के नौदा में तृणमूल कांग्रेस और एजेयूपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई।
  • लाभपुर, चंचल और मुरारई में भी कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष में कई लोग घायल हुए।
  • डोमकल में मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने से रोकने के आरोप लगे।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा और कुछ इलाकों में लाठीचार्ज भी किया गया।

शिकायतों की भरमार
निर्वाचन आयोग को मतदान के दौरान करीब 500 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि ‘सीविजिल’ ऐप के जरिए 375 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। तृणमूल कांग्रेस ने 700 से अधिक शिकायतें दर्ज कराने का दावा किया, जिनमें ईवीएम खराबी और केंद्रीय बलों के व्यवहार से जुड़े आरोप शामिल हैं।

महिलाओं की भागीदारी अधिक
मतदान में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। महिला मतदान प्रतिशत 92.69 रहा, जबकि पुरुषों का 90.92 प्रतिशत दर्ज किया गया। तीसरे लिंग के मतदाताओं का प्रतिशत 56.79 रहा।

आगे का कार्यक्रम
दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने मतदान के बाद निगरानी और डेटा प्रबंधन के लिए सख्त दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।

कुल मिलाकर, पहले चरण में भारी मतदान ने लोकतंत्र के प्रति लोगों की भागीदारी को मजबूत संदेश दिया है, हालांकि हिंसा की घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े किए हैं।

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