दुबई से बड़ी खबर।
मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हालात और बिगड़ गए, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सेना को ईरान की छोटी नौकाओं पर गोली चलाने और उन्हें नष्ट करने का आदेश दिया है।

ईरान का कड़ा पलटवार
ट्रंप के इस दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबफ ने एक संयुक्त संदेश में कहा—
“ईरान में कोई कट्टरपंथी या उदारवादी नहीं, हम सभी ईरानी और क्रांतिकारी हैं।”
इस बयान को ईरान की आंतरिक एकजुटता का संकेत माना जा रहा है।
वैश्विक व्यापार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के लगभग 20% तेल का परिवहन होता है। मौजूदा तनाव के चलते इस मार्ग पर व्यापार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जिससे कई देशों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ गई है।
ईरान की सत्ता पर सवाल
हालिया संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना को लेकर असमंजस बना हुआ है। नए सुप्रीम लीडर के रूप में मुज्तबा खामेनेई का नाम सामने आया है, लेकिन वे अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
कूटनीतिक हल की कोशिशें
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से बातचीत की है। चर्चा में क्षेत्रीय हालात और संभावित संघर्ष विराम पर विचार किया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास इस संकट की दिशा तय करेंगे।
