कौन है अबू आला अल-वालाई? अमेरिका ने रखा 94 करोड़ का इनाम, खूंखार आतंकी सरगना की तलाश तेज

वॉशिंगटन/बगदाद | आवाज़ प्लस

अमेरिका ने ईरान समर्थित आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कुख्यात आतंकी सरगना अबू आला अल-वालाई उर्फ हाशिम फिनयान रहीम अल-सराजी पर 10 मिलियन डॉलर (करीब 94 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया है। यह इनाम अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने की पुख्ता जानकारी देने वालों के लिए रखा गया है।

अल-सराजी इराक के ईरान समर्थित आतंकी संगठन कताइब सैय्यिद अल-शुहादा (KSS) का प्रमुख है, जिसे अमेरिका पहले ही खतरनाक आतंकी संगठनों की सूची में शामिल कर चुका है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, KSS के लड़ाके इराक और सीरिया में कई बड़े हमलों, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों और आम नागरिकों की हत्या में शामिल रहे हैं।

सुरक्षित सूचना देने वालों को संरक्षण भी
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि जो भी व्यक्ति अल-सराजी के बारे में विश्वसनीय जानकारी देगा, उसे न सिर्फ इनाम मिलेगा बल्कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी दी जाएगी। जानकारी देने के लिए सुरक्षित माध्यम जैसे ‘टॉर टिपलाइन’ और ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

पहले ही घोषित हो चुका है वैश्विक आतंकी
अल-सराजी को नवंबर 2023 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में KSS को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) की सूची में डाल दिया गया, जिससे संगठन के खिलाफ कड़े आर्थिक और कानूनी कदम उठाना आसान हो गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, KSS का सीधा संबंध इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से है और यह संगठन इराक व सीरिया में सक्रिय मिलिशिया नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इसके कई कमांडर IRGC की कुद्स फोर्स के पूर्व प्रमुख कासिम सुलेमानी के संपर्क में रह चुके हैं।

हूती विद्रोहियों को भी दिया समर्थन
अल-सराजी ने यमन के हूती आंदोलन के प्रति खुला समर्थन जताया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने KSS को उस बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बताया था जो मध्य-पूर्व में कई मोर्चों पर सक्रिय है।

खाड़ी देशों पर भी बढ़ा खतरा
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच KSS समेत कई ईरान समर्थित गुट खाड़ी देशों—खासकर कुवैत—को निशाना बना रहे हैं। ये हमले दक्षिणी इराक के इलाकों से संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, KSS ने कताइब हिजबुल्लाह और हरकत हिजबुल्लाह अल-नुजाबा जैसे संगठनों के साथ मिलकर कुर्दिस्तान क्षेत्र में ड्रोन और रॉकेट हमले भी किए हैं।

अमेरिका की इस घोषणा के बाद अबू आला अल-वालाई की तलाश और तेज होने की संभावना है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp icon
AWAZ PLUS
Contact us!
Phone icon
AWAZ PLUS