नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए उसके सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। इनमें प्रमुख चेहरों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से तीन सांसदों ने पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

DMK का आरोप: “BJP जनप्रतिनिधियों की सबसे बड़ी खरीदार”
इस घटनाक्रम पर डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी सांसदों और विधायकों को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा किसी भी तरह के हथकंडे अपनाने से पीछे नहीं हटती।
प्रवेश वर्मा का केजरीवाल पर हमला
भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने केजरीवाल के आवास और खर्चों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी के नेताओं के इस्तीफे के पीछे यही वजह हो सकती है।
तरुण चुघ बोले: “AAP ने अपने मूल सिद्धांत खो दिए”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों और मूल्यों को दांव पर लगा दिया है। उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा।
सपा ने बताया “दुखद”, रणनीति पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने इस घटनाक्रम को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि AAP को अपनी रणनीतिक गलतियों से सबक लेना चाहिए और आम कार्यकर्ताओं व वंचित वर्गों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी।
सियासी हलचल तेज, आगे दिखेगा असर
सात सांसदों के इस्तीफे और तीन के भाजपा में शामिल होने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय और राज्य स्तर की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।
