लखनऊ/डेस्क | आवाज़ प्लस
भारतीय सिनेमा और टीवी के सुनहरे दौर में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने वाले मयूर राज वर्मा आज भले ही पर्दे से दूर हों, लेकिन उनकी सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। कभी अमिताभ बच्चन के बचपन का चेहरा बनकर पहचान पाने वाले मयूर आज विदेश में एक सफल बिजनेसमैन के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ चुके हैं।

🎬 फिल्मों से मिली पहचान
साल 1978 में आई सुपरहिट फिल्म मुकद्दर का सिकंदर ने मयूर के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन के बचपन का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी मासूमियत और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें उस दौर का सबसे चर्चित बाल कलाकार बना दिया।
📺 ‘महाभारत’ का वीर अभिमन्यु
छोटे पर्दे पर महाभारत में अभिमन्यु का किरदार निभाकर मयूर ने घर-घर में पहचान बनाई। चक्रव्यूह में वीरता दिखाने वाले इस किरदार ने उन्हें दर्शकों के दिलों में अमर कर दिया। हालांकि, इतनी सफलता के बावजूद उन्हें बॉलीवुड में मुख्य अभिनेता के तौर पर अपेक्षित मौके नहीं मिल सके।
🌍 विदेश में नया मुकाम
करियर में सीमित अवसरों को देखते हुए मयूर ने बड़ा फैसला लिया और विदेश का रुख किया। आज वे वेल्स में अपनी पत्नी के साथ ‘इंडियाना’ नाम का रेस्टोरेंट चलाते हैं और एक सफल कारोबारी बन चुके हैं। उनका यह बिजनेस अब एक बड़े स्तर पर स्थापित हो चुका है।
🎭 कला से जुड़ाव बरकरार
फिल्मी दुनिया से दूरी के बावजूद मयूर के भीतर का कलाकार आज भी जीवित है। वे वेल्स में युवाओं के लिए एक्टिंग वर्कशॉप आयोजित करते हैं और नई पीढ़ी को अभिनय की बारीकियां सिखाते हैं।
मयूर राज वर्मा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल फिल्मी पर्दे तक सीमित नहीं होती। सही फैसले और मेहनत के दम पर इंसान कहीं भी अपनी नई पहचान बना सकता है। पर्दे का ‘अभिमन्यु’ आज असल जिंदगी में भी एक सफल विजेता बन चुका है।
