आवाज़ प्लस
वॉशिंगटन/तेहरान:
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़ी सात “फास्ट बोट्स” को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत की गई, जिससे Strait of Hormuz के आसपास तनाव और बढ़ गया है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि Iran अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था, जिसका अमेरिका ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि “हमने सात छोटी नावें मार गिराईं, जिन्हें वे ‘फास्ट बोट’ कहते हैं—अब उनके पास ज्यादा कुछ नहीं बचा।”
दक्षिण कोरिया को खुला संदेश
ट्रंप ने इस मामले में South Korea को भी सीधे तौर पर शामिल होने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि ईरान ने “असंबंधित देशों” के जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिसमें दक्षिण कोरियाई जहाज भी शामिल है। ऐसे में सियोल को अब अमेरिकी मिशन में शामिल होना चाहिए।
दक्षिण कोरियाई जहाज में विस्फोट
दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, HMM कंपनी के एक मालवाहक जहाज में यूएई के पास भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। जहाज पर कुल 24 लोग सवार थे—6 दक्षिण कोरियाई और 18 विदेशी नागरिक। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन जांच जारी है कि यह हादसा बाहरी हमले का परिणाम था या नहीं।
क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ लॉन्च किया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिशन जहाजों को सीधे सैन्य एस्कॉर्ट देने के बजाय उन्हें सुरक्षित मार्गदर्शन (Guided Protection) देने पर केंद्रित है।
ट्रंप द्वारा साझा किए गए एक ग्राफिक में अमेरिकी सैन्य ताकत को 100% सक्रिय दिखाया गया, जबकि ईरानी क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट बताया गया। इस ग्राफिक में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की तस्वीर पर लाल ‘X’ का निशान भी दिखाया गया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
स्थिति पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ता यह तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और अन्य देशों की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
