नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सरकार गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी ने पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।

पार्टी ने पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि पार्टी बंगाल में सरकार गठन को लेकर बेहद गंभीर और रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ रही है।
वहीं असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके सहयोग के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
चुनाव नतीजों में बीजेपी का दबदबा
4 मई को घोषित हुए नतीजों में पश्चिम बंगाल और असम दोनों ही राज्यों में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
- पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 206 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई।
- असम में भी बीजेपी ने 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया।
अब किसे मिलेगी सीएम की कुर्सी?
दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य विधायक दल की बैठक कराकर नेता का चयन सुनिश्चित करना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला ले सकती है, जैसा वह पहले कई राज्यों में कर चुकी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि बंगाल और असम में विधायक दल का नेता कौन चुना जाता है और आखिरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलती है।
