ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य टकराव फिलहाल सीजफायर के दौर में जरूर पहुंच गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग अब भी जारी है। इस बीच अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका अब तक 29 अरब डॉलर खर्च कर चुका है।

पेंटागन ने यह आंकड़ा कैपिटल हिल में हुई बजट सुनवाई के दौरान जारी किया। इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने अनुमान लगाया था कि जंग पर करीब 25 अरब डॉलर खर्च हुए हैं, लेकिन अब यह आंकड़ा और बढ़ गया है। इस भारी खर्च को लेकर अमेरिकी संसद में ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
भारतीय रुपये में कितनी है ये रकम?
अगर मौजूदा डॉलर-रुपया विनिमय दर के हिसाब से देखें, जहां 1 डॉलर की कीमत 95 रुपये से ज्यादा चल रही है, तो 29 अरब डॉलर की रकम भारतीय मुद्रा में करीब 2.77 लाख करोड़ रुपये बैठती है। यानी कुल खर्च लगभग 2 लाख 77 हजार 327 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
यह रकम कई देशों के सालाना बजट से भी ज्यादा मानी जा रही है, जिस कारण दुनिया भर में इस युद्ध की आर्थिक कीमत को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग यह दावा कर रहे हैं कि ईरान अमेरिकी सेना के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वे “फेक न्यूज” फैला रहे हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है, उसकी वायु सेना खत्म हो गई है और देश आर्थिक रूप से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के खिलाफ बोलने वाले लोग देश विरोधी मानसिकता रखते हैं।
फिर बढ़ सकते हैं युद्ध के आसार
सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद एक बार फिर हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत नहीं हुई तो मध्य पूर्व में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
