लखनऊ: समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद अब इस मामले में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।

‘सपा का झंडा जलने से आहत थे प्रतीक’
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि जिस दिन Aparna Yadav की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी का झंडा जलाया गया था, उसी दिन से प्रतीक यादव मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगे थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दरअसल, महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए दोनों दलों के झंडे जलाए थे। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था।
देर रात बिगड़ी थी तबीयत
सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात करीब 3 बजे प्रतीक यादव ने अपने हेल्पर को पैर में तेल लगाने के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 4 बजे वह घर के किचन में बेहोश मिले। इसके बाद डॉक्टर को घर बुलाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सुबह उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के दौरान 6 डॉक्टरों की टीम मौजूद रही और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस ने जांच के लिए प्रतीक यादव का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है।
डिप्रेशन का चल रहा था इलाज
परिवार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव पिछले 3-4 साल से डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे। बताया गया कि रात में उनके हाथ से पानी का गिलास गिरा था, जिसकी आवाज सुनकर अटेंडेंट कमरे में पहुंचा। इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
भाई की मौत की खबर मिलने के बाद अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी और उन्होंने उन्हें स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी। अखिलेश ने यह भी कहा कि कारोबार में नुकसान और मानसिक तनाव कई बार व्यक्ति को भीतर से तोड़ देता है।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही प्रतीक यादव की मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
