RR मैनेजर पर BCCI सख्त, डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल पर थमाया नोटिस

 

लखनऊ/गुवाहाटी | आवाज़ प्लस

आईपीएल 2026 के बीच एक तस्वीर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजस्थान रॉयल्स (RR) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हो गए, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।

मामला गुवाहाटी में खेले गए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मुकाबले का है। वीडियो सामने आने के बाद BCCI की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने रोमी भिंडर को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।


डगआउट में फोन इस्तेमाल बना विवाद की वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भिंडर मैच के दौरान डगआउट एरिया में मोबाइल फोन का उपयोग करते नजर आए। नियमों के अनुसार, टीम मैनेजर फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसकी अनुमति केवल ड्रेसिंग रूम के भीतर ही सीमित है।

हालांकि, यह भी सामने आया है कि भिंडर डगआउट के किनारे, फ्रिज के पास बैठे थे, जो खिलाड़ियों के क्षेत्र से सटा हुआ था। ऐसे में यह तकनीकी रूप से नियमों का उल्लंघन है या नहीं—इस पर अब जांच जारी है।


क्या कहते हैं नियम?

PMOA (प्लेयर एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया) गाइडलाइंस के अनुसार:

  • टीम मैनेजर मोबाइल डिवाइस का उपयोग केवल अधिकृत क्षेत्र में ही कर सकते हैं
  • फोन का इस्तेमाल सिर्फ क्रिकेट ऑपरेशंस या जरूरी व्यक्तिगत कारणों तक सीमित होना चाहिए
  • निजी उपयोग को नियमों का उल्लंघन माना जाता है
  • सिक्योरिटी और मैच अधिकारियों के लिए भी फोन साइलेंट मोड में रखना अनिवार्य है

स्वास्थ्य कारण भी बने चर्चा का विषय

दिलचस्प बात यह है कि रोमी भिंडर हाल ही में फेफड़ों की गंभीर बीमारी से उबरे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह पूरी तरह फिट नहीं हैं और ड्रेसिंग रूम तक जाना उनके लिए मुश्किल था। उन्होंने सीजन शुरू होने से पहले अपनी मेडिकल स्थिति की जानकारी BCCI को दी थी।


आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर भिंडर के जवाब पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि वह इस घटना को तकनीकी गलती बताते हैं या स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हैं। BCCI की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है या विशेष परिस्थिति के तहत राहत दी जाती है।


आवाज़ प्लस निष्कर्ष:
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर नियमों का पालन बेहद अहम होता है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक तकनीकी चूक है या अनुशासन का उल्लंघन—इसका फैसला अब BCCI के हाथ में है।

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