भुज (गुजरात) | आवाज़ प्लस
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले भारतीय सेना ने गुजरात के भुज में अपनी सैन्य क्षमता और तैयारियों का व्यापक प्रदर्शन किया। इस दौरान सेना की एयर डिफेंस रेजिमेंट ने L70 एयर डिफेंस गनों के जरिए दुश्मन के ड्रोन हमलों को नाकाम करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। यह वही सिस्टम है जिसने ऑपरेशन के दौरान अहम भूमिका निभाई थी।

सेना ने इस अभ्यास में आधुनिक तकनीक से लैस एडवांस ड्रोन का भी प्रदर्शन किया। इन ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, लक्ष्य की पहचान और रियल-टाइम खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है। कठिन और दुर्गम इलाकों में इनकी उपयोगिता बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है।
जल आधारित ऑपरेशन में भी सेना ने अपनी ताकत का परिचय दिया। उथले पानी में तेजी से चलने वाली असॉल्ट बोट्स के जरिए दुश्मन पर त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया गया। इन बोट्स को ऑपरेशन के दौरान हाई अलर्ट पर रखा जाता है, जिससे किसी भी घुसपैठ या हमले को तुरंत रोका जा सके।
इसके साथ ही सेना ने एम्फीबियस ऑपरेशन का भी प्रदर्शन किया, जिसमें जल और थल दोनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई की रणनीति दिखाई गई। इस अभ्यास ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना क्रीक एरिया जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी पूरी तरह सक्षम है।
इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर भारतीय सेना ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प को दोहराया। सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (ADG PI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत के खिलाफ हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद सीमा पर तनाव बढ़ा, हालांकि 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया।
