आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली/मुंबई:
क्रिकेट के इतिहास में कई दिलचस्प किस्से दर्ज हैं, लेकिन महान बल्लेबाज़ Sachin Tendulkar से जुड़ा एक ऐसा वाकया है, जो आज भी फैंस को हैरान कर देता है। अपने करियर में पाकिस्तान के खिलाफ कई रिकॉर्ड बनाने वाले सचिन ने एक बार उसी पाकिस्तान टीम के लिए मैदान पर फील्डिंग भी की थी।

1987 का अनोखा वाकया
यह घटना साल 1987 की है, जब मुंबई के Brabourne Stadium में भारत और पाकिस्तान के बीच एक प्रदर्शनी मैच खेला जा रहा था। उस समय सचिन महज 14 साल के थे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम नहीं रखा था।
लंच ब्रेक के दौरान पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी Javed Miandad और Abdul Qadir मैदान से बाहर चले गए। टीम को तुरंत एक सब्स्टीट्यूट फील्डर की जरूरत पड़ी। ऐसे में कप्तान Imran Khan ने वहां मौजूद युवा सचिन से फील्डिंग करने का अनुरोध किया।
सचिन करीब 20–25 मिनट तक पाकिस्तान के लिए फील्डिंग करते नजर आए। इसी दौरान उनके पास Kapil Dev का एक कैच भी आया, लेकिन वह उसे पकड़ नहीं सके।
पाकिस्तान के खिलाफ ही किया डेब्यू
इस अनोखे वाकये के करीब दो साल बाद, 1989 में सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा—और वह भी पाकिस्तान के खिलाफ, पाकिस्तान की सरजमीं पर। हालांकि अपने पहले मैच में वह खाता नहीं खोल सके, लेकिन इसके बाद उन्होंने जो इतिहास रचा, वह अद्वितीय है।
पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड
सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा दमदार प्रदर्शन किया।
- टेस्ट क्रिकेट: 18 मैच, 1057 रन, 2 शतक, 7 अर्धशतक
- वनडे क्रिकेट: 69 मैच, 2526 रन, 5 शतक, 16 अर्धशतक
जिस टीम के लिए कभी उन्होंने फील्डिंग की थी, उसी के खिलाफ आगे चलकर उन्होंने गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और कई यादगार पारियां खेलीं।
क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का यह किस्सा बताता है कि महानता की शुरुआत अक्सर छोटे और अनजाने पलों से होती है। 14 साल की उम्र में एक सब्स्टीट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान में उतरने वाला यह खिलाड़ी आगे चलकर दुनिया का सबसे महान बल्लेबाज़ बना।
