आवाज़ प्लस | बिज़नेस डेस्क
गुरुवार की सुबह शेयर बाजार के लिए भारी गिरावट लेकर आई। वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते भारतीय बाजार बुरी तरह दबाव में आ गया। कारोबार शुरू होते ही दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली हावी हो गई और निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।

मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 910 अंक (1.47%) गिरकर 76,586 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 283 अंक टूटकर 23,894 पर आ गया, जिससे 24,000 का अहम स्तर एक बार फिर टूट गया।
बाजार में चौतरफा बिकवाली
शुरुआती कारोबार में ही बाजार की कमजोरी साफ नजर आई।
- करीब 1,371 शेयर गिरावट में रहे
- सिर्फ 873 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई
- बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला
बड़े शेयरों में बिकवाली ने इंडेक्स को और नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार संभल नहीं पाया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि:
- आयात बिल बढ़ेगा
- महंगाई पर दबाव आएगा
- चालू खाता घाटा बढ़ सकता है
इन्हीं आशंकाओं के चलते निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी।
आगे क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति अस्थिर बनी रह सकती है।
- मिडिल ईस्ट तनाव कम होने तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
- छोटे निवेशक घबराहट में फैसले लेने से बचें
- लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह
आज की गिरावट ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक घटनाओं, खासकर कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर पड़ता है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगी।
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