इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के दौरान लगातार सामने आए प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामलों के बाद अब BCCI पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने सभी IPL फ्रेंचाइजियों को 8 पन्नों की नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम मालिकों के लिए कई नए नियम तय किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने से लेकर बैन तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सबसे ज्यादा चर्चा BCCI की उस चेतावनी को लेकर हो रही है जिसमें पहली बार “हनी ट्रैप” जैसे खतरों का जिक्र किया गया है। बोर्ड ने कहा है कि बड़े टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ निशाने पर हो सकते हैं, इसलिए सभी टीमों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। BCCI ने इसे सुरक्षा और कानूनी जोखिम से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
नई एडवाइजरी में टीम मालिकों और अधिकारियों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। अब मैच के दौरान कोई भी मालिक या अधिकारी डगआउट या प्रतिबंधित क्षेत्र में जाकर खिलाड़ियों से बातचीत नहीं कर सकेगा। मुकाबला खत्म होने के बाद ही खिलाड़ियों से मुलाकात की अनुमति होगी। ड्रेसिंग रूम और डगआउट पूरी तरह नियंत्रित जोन बनाए जाएंगे।
इसके अलावा होटल सुरक्षा को लेकर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी खिलाड़ी के होटल रूम में बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के किसी को एंट्री नहीं मिलेगी, चाहे वह परिवार का सदस्य या करीबी दोस्त ही क्यों न हो। मेहमानों को सिर्फ होटल लॉबी में मिलने की इजाजत होगी। BCCI ने साफ किया है कि यह फैसला सुरक्षा और एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
नई गाइडलाइन के मुताबिक अब खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की हर मूवमेंट पर भी नजर रखी जाएगी। यदि कोई सदस्य टीम होटल से बाहर जाता है तो उसे पहले सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर या टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर को जानकारी देनी होगी और मंजूरी भी लेनी होगी। उनकी मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
वहीं ई-सिगरेट और वेपिंग को लेकर भी BCCI ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट इस्तेमाल करते हुए वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह मुद्दा काफी चर्चा में आया। अब नई SOP के तहत ड्रेसिंग रूम, प्रैक्टिस एरिया और टीम होटल में ई-सिगरेट या वेपिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
BCCI की इस नई एडवाइजरी से साफ है कि बोर्ड अब IPL में अनुशासन, सुरक्षा और एंटी-करप्शन नियमों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
