पाकिस्तान क्रिकेट टीम का खराब दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि टीम अपने घर से बाहर टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल करने के लिए तरस गई है। बांग्लादेश दौरे पर बड़ी उम्मीदों के साथ पहुंची पाकिस्तानी टीम को पहले ही टेस्ट मैच में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रन के बड़े अंतर से हराकर उसकी कमजोरियों को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया।

ढाका में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पूरी तरह फ्लॉप नजर आईं। हार के साथ ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में भी पाकिस्तान को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि बांग्लादेश को बड़ा फायदा मिला। भारतीय टीम को बिना खेले ही अंक तालिका में फायदा मिल गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने घर के बाहर अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 2023 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में जीता था। इसके बाद से टीम लगातार विदेशी सरजमीं पर संघर्ष कर रही है। पिछले करीब तीन साल में पाकिस्तान ने बाहर छह टेस्ट मैच खेले और एक भी मुकाबला जीत नहीं पाया।
इतिहास भी पाकिस्तान के खिलाफ जाता दिख रहा है। साल 2018 से 2020 के बीच भी टीम लगातार सात विदेशी टेस्ट हार चुकी है। अब एक बार फिर वैसा ही दौर लौटता नजर आ रहा है।
ढाका टेस्ट में पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने तीन बार 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, लेकिन इसके बावजूद टीम मैच हार गई। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह बेहद दुर्लभ मामला है। इससे पहले केवल चार बार ऐसा हुआ था जब किसी टीम ने एक ही पारी में तीन शतकीय साझेदारियां की हों और फिर भी हार झेलनी पड़ी हो। अब पाकिस्तान का नाम भी इस शर्मनाक सूची में शामिल हो गया है।
दो मैचों की इस सीरीज में पाकिस्तान अब सीरीज नहीं जीत सकता। हालांकि 16 मई से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर टीम सीरीज बराबर करने की कोशिश जरूर करेगी। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पाकिस्तान के लिए राह बिल्कुल आसान नहीं दिख रही है।
