चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय ने अपने नवनियुक्त OSD और प्रसिद्ध ज्योतिषी राधन पंडित की नियुक्ति महज 24 घंटे के भीतर ही रद्द कर दी। बताया जा रहा है कि गठबंधन सहयोगियों के भारी दबाव के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को यह फैसला लेना पड़ा।

सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि राधन पंडित को मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में नियुक्त करने वाला पूर्व आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
शपथ का समय तय करने वाले ज्योतिषी बने थे OSD
राधन पंडित वही ज्योतिषी हैं जिन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले ही विजय की जीत की भविष्यवाणी की थी। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह का शुभ मुहूर्त भी उन्होंने ही निकाला था। शुरुआत में शपथ का समय 10 मई को दोपहर 3:45 बजे तय किया गया था, लेकिन बाद में राधन पंडित ने इसे बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया था।
गठबंधन सहयोगियों ने जताई नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, सरकार में ज्योतिषी को OSD जैसे अहम प्रशासनिक पद पर नियुक्त किए जाने से गठबंधन दलों ने आपत्ति जताई थी। विपक्ष ने भी इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री विजय ने तेजी से फैसला बदलते हुए नियुक्ति आदेश वापस ले लिया।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम हैं राधन पंडित
राधन पंडित तमिलनाडु के चर्चित आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषी माने जाते हैं। राज्य की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां उनसे सलाह लेती रही हैं। दावा किया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता भी महत्वपूर्ण फैसलों से पहले उनसे परामर्श करती थीं। सोशल मीडिया पर भी राधन पंडित की बड़ी फॉलोइंग है, जहां वे ज्योतिषीय सलाह साझा करते रहते हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार फैसले लेने में गंभीरता नहीं दिखा रही है। विपक्ष का कहना है कि 24 घंटे में आदेश जारी करना और फिर वापस लेना प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है।
AWAZ PLUS के लिए यह मामला तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन की मजबूरियों को उजागर करने वाला बड़ा संकेत माना जा रहा है।
