सोने की खान है यह शेयर, 50 से 1027 पर पहुंचा, नया कानून कर रहा मदद

सुब्रोस के शेयरों में उछाल की वजह नया कानून है। 8 जून से भारत में बनने और बिकने वाले सभी मध्यम और भारी ट्रकों में कारखाने से ही एसी लगा हुआ आना जरूरी हो गया है।
सोने की खान है यह शेयर, 50 से 1027 पर पहुंचा, नया कानून कर रहा मदद आज यानी मंगलवार को जब पूरा शेयर बाजार सुस्त चल रहा था, सुब्रोस कंपनी के शेयर ने फिर से तेजी दिखाई। इसका भाव एक सत्र में ही 10þ बढ़कर पहली बार 1,000 रुपये के पार चला गया और नया रिकॉर्ड बनाते हुए 1,083.20 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। ये उछाल पिछले सत्र में 19þ की बढ़ोतरी के ऊपर है, जिससे पिछले सात दिनों में इस शेयर ने कुल मिलाकर 45þ की शानदार बढ़त हासिल कर ली है।
क्या है उछाल की वजह?

ये सब नए कानून की वजह से हो रहा है। 8 जून से भारत में बनने और बिकने वाले सभी मध्यम और भारी ट्रकों में कारखाने से ही एसी लगा हुआ आना जरूरी हो गया है। ये नियम करीब डेढ़ साल पहले बनाया गया था, ताकि ड्राइवरों को लंबी यात्राओं में आराम मिले, थकान कम हो और सड़क सुरक्षा बेहतर हो सके।
ट्रक कंपनियों पर क्या असर हुआ?
इस नियम का पालन करने के लिए टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड जैसी बड़ी ट्रक कंपनियों को अपने नए मॉडल एसी के साथ लाने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से ट्रकों की कीमतें भी 1þ से लेकर 2.5þ तक बढ़ गई हैं।

सुब्रोस को क्यों मिल रहा है फायदा?

सुब्रोस भारत में गाड़ियों के लिए एसी सिस्टम बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। उसका कारोबार कारों में 40þ से ज्यादा और ट्रक/व्यावसायिक वाहनों में 54þ से भी अधिक बाजार पर कब्जा है। यही मजबूत मुकाम कंपनी के शेयर में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है।
भविष्य की संभावनाएं क्या हैं?

लाइव मिंट की खबर के मुताबिक शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि ट्रकों में एसी अनिवार्य होने से सुब्रोस के सामने बिकने का मार्केट और बड़ा हो जाएगा। इससे कंपनी को कारों के अलावा दूसरे वाहनों (नॉन-पैसेंजर व्हीकल्स) से होने वाली कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। अनुमान है कि साल 2026 (थ्ल्26) तक इससे सुब्रोस को 400-450 करोड़ रुपये का नया कारोबार मिल सकता है। साथ ही, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती मांग भी कंपनी के लिए एक नया मौका लेकर आएगी। सुब्रोस रेलवे के क्षेत्र में भी काम कर रही है और अब घरों के लिए एसी बनाने की तरफ भी कदम बढ़ा रही है।
हाल में ट्रक बिक्री घटी, लेकिन उम्मीदें अब भी जगी हुईं

हालांकि, भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माता संघ (सियाम) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल (थ्ल्25) में भारत में ट्रकों की बिक्री घटकर 3,07,491 रह गई, जो उससे पहले साल में 3,20,244 थी। इसकी वजह पिछले सालों की ऊंची बिक्री के आधार और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आम चुनावों के चलते बुनियादी ढांचे के कामों में आई अस्थायी रुकावट बताई गई है। मगर, उद्योग के विशेषज्ञों को भरोसा है कि अब आर्थिक गतिविधियों के तेज होने से ट्रकों की बिक्री में फिर से रफ्तार आ जाएगी।
निवेशकों के लिए सोने की खान साबित हुआ सुब्रोस

दस साल पहले सुब्रोस का एक शेयर सिर्फ 50 रुपये में मिलता था। आज वही शेयर करीब 1,027 रुपये पर कारोबार कर रहा है। यानी इस दौरान शेयर की कीमत में 1,954þ का अद्भुत उछाल आया है। अगर किसी निवेशक ने दस साल पहले इस कंपनी में सिर्फ 1 लाख रुपये लगाए होते और आज तक शेयर रखे होते, तो उसकी ये छोटी सी रकम बढ़कर आश्चर्यजनक 20.54 लाख रुपये हो गई होती।
सात साल मुनाफे के साथ बंद

पिछले 10 सालों में सुब्रोस के शेयर ने सात साल मुनाफे के साथ बंद किए। साल 2014 सबसे शानदार रहा, जब इसने निवेशकों को 140þ का भारी रिटर्न दिया। इसके बाद साल 2017 में 90þ और साल 2023 में 81þ का मुनाफा दिया। चालू साल में अभी तक ही इसने 66þ की बढ़त दर्ज कर ली है।
कौन है सुब्रोस?

सुब्रोस की स्थापना साल 1985 में भारत के सूरी परिवार, जापान की डेंसो कॉर्पोरेशन और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के बीच हुई ज्वाइंट वेंचर के रूप में हुई थी। आज यह भारत में गाड़ियों के लिए थर्मल उत्पाद (जैसे एसी सिस्टम) बनाने वाली अग्रणी कंपनी है। यह भारत की एकमात्र ऐसी कंपनी है जो ऑटो-एयर कंडीशनिंग सिस्टम के सभी हिस्सों का एकीकृत उत्पादन (पूरा सिस्टम खुद बनाती है) करती है।

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