ट्रंप प्रशासन ने डिपोर्टेशन पर कसी लगाम, धीमे फैसले देने वाले इमिग्रेशन जजों पर कार्रवाई तेज

फीनिक्स, अमेरिका: अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump का प्रशासन अब बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन अभियान को और तेज करने में जुट गया है। इसी कड़ी में अमेरिकी न्याय विभाग उन इमिग्रेशन जजों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिन पर मामलों में देरी करने या कानून का सही तरीके से पालन नहीं करने के आरोप हैं।

एक्शन अटॉर्नी जनरल Todd Blanche ने फीनिक्स में आयोजित बॉर्डर सिक्योरिटी एक्सपो में कहा कि इमिग्रेशन अदालतों में लंबित करीब 37 लाख मामलों के बैकलॉग को खत्म करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि जो जज फैसलों में अनावश्यक देरी करेंगे या नियमों के मुताबिक काम नहीं करेंगे, उनकी जगह दूसरे लोगों को लाया जाएगा।

पाम बॉन्डी के बाद ब्लैंच ने संभाली कमान

ट्रंप प्रशासन में डिपोर्टेशन अभियान को तेज करने के लिए हाल ही में Pam Bondi को पद से हटाए जाने के बाद टॉड ब्लैंच ने मोर्चा संभाला है। फीनिक्स में आयोजित सम्मेलन में इमिग्रेशन अधिकारी, पुलिस एजेंसियां और संघीय सरकार के साथ काम करने वाली कई कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

ब्लैंच ने कहा कि इमिग्रेशन जजों को व्यक्तिगत सहानुभूति या मनमर्जी के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के अनुसार फैसले देने होंगे। प्रशासन का मानना है कि अदालतों में बढ़ता बैकलॉग डिपोर्टेशन प्रक्रिया को धीमा कर रहा है।

डिपोर्टेशन ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता

राष्ट्रपति ट्रंप ने सत्ता में आते ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। प्रशासन अब तक लाखों विदेशियों को उनके देशों में वापस भेज चुका है। इसके लिए अमेरिकी शहरों में छापेमारी, डिटेंशन सेंटरों का विस्तार और इमिग्रेशन अधिकारियों की भर्ती भी बढ़ाई गई है।

हालांकि डिपोर्टेशन अभियान लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की है, लेकिन इमिग्रेशन अदालतें भी इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं, जो सीधे न्याय विभाग के अधीन आती हैं।

कई इमिग्रेशन जज हटाए गए

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अब तक दर्जनों इमिग्रेशन जजों को हटाया जा चुका है। आलोचकों का आरोप है कि ऐसे जजों को निशाना बनाया जा रहा है जो बड़ी संख्या में असाइलम मामलों को मंजूरी दे रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन ने बंद असाइलम सुनवाई के दौरान मास्क पहने अधिकारियों को प्रवासियों को हथकड़ी लगाने तक के निर्देश दिए हैं। वहीं कई मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इमिग्रेशन अदालतें अब प्रवासियों के लिए “जाल” बनती जा रही हैं, जहां नियमित सुनवाई के लिए पहुंचने वाले लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जा रहा है।

फेडरल अदालतों के मुकाबले इमिग्रेशन अदालतों में अटॉर्नी जनरल को जजों को हटाने की ज्यादा शक्तियां हासिल हैं, जिससे प्रशासन अपने एजेंडे को तेजी से लागू कर पा रहा है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
AWAZ PLUS
Contact us!
Phone icon
AWAZ PLUS